यूरिया के अभाव में बंद पड़ी साधन सहाकरी समिति चित्राखोर गंगौरी।
बस्ती। जिले में यूरिया की किल्लत को लेकर अभी तक अफसर गंभीर नहीं हो रहे हैं। समितियों को यूरिया की आपूर्ति समय से नहीं हो पा रही है। इस बारे में आयुक्त एवं निबंधक सहकारिता कुछ भी बताने से कतरा रहे हैं।
हमने शनिवार को यूरिया की किल्लत को लेकर पड़ताल की तो पता चला कि बफर गोदाम में 5471 मीट्रिक टन यूरिया रखी है। इसके बावजूद साधन सहकारी समितियों से किसानों को खाद नहीं मिल रही है। किसान खरीफ फसल में उर्वरक डालने को लेकर खासे परेशान हैं। उन्हें क्षेत्र में मुश्किल से ही उर्वरक मिल पा रहा है, वो भी औने-पौने दामों में। किसान ब्रह्मदेव सिंह ने बताया कि हर फसली सीजन में यही होता है। जरूरत के समय उर्वरक नहीं मिल पाता है। मजबूरी में प्राइवेट क्षेत्र से यूरिया लेनी पड़ती है। जो महंगी पड़ रही है।
उल्लेखनीय है कि जिले में 116 साधन सहकारी समितियों हैं, जिसमें 105 सक्रिय हैं, और किसानों को उर्वरक वितरित कर रही हैं। इन समितियों के अलावा इफको के उर्वरक 30 आईएफएफडीसी व एग्री जंक्शन के माध्यम से भी वितरित की जाती थी। तीन माह से इन बिक्री प्वाइंट को उर्वरक की आपूर्ति सहकारिता से बंद कर दी गई। जिला अन्य सहकारी उर्वरक विक्रेता संघ के जिलाध्यक्ष उमेश पाल ने इस बाबत सांसद को ज्ञापन देकर उर्वरक दिलाए जाने की मांग की है। अभी तक इन ब्रिकी प्वाइंटों से उर्वरक वितरण शुरू नहीं हुआ। अफसर मनमाने तरीके से बिक्री केंद्रों को उर्वरक का आवंटन दे रहे हैं। यूरिया किल्लत का यही प्रमुख कारण है।
आईएफएफडीसी और एग्री जंक्शन को भी उर्वरक की आपूर्ति शुरू कर दी गई है। बिक्री प्वाइंट को लगातार यूरिया भेजी जा रही है। रविवार तक क्षेत्र में स्थिति सामान्य हो जाएगी।
-मनीष कुमार सिंह, जिला कृषि अधिकारी।