बस्ती। बारिश न होने से एक ओर धान की फसलें खराब हो रही हैं तो दूसरी ओर उमस से आमजन जीवन बेहाल नजर आ रहा है। सूखे जैसी स्थिति होने के कारण किसानों को पूंजी डूबने की चिंता सता रही है। खेतों में पानी की कमी के चलते दरारें पड़ रही हैं। रविवार को ऊमस अधिक होने के कारण लोग पसीना पोंछते नजर आए।
जनपद में धान की रोपाई व अन्य खरीफ मौसम के फसलों की बुवाई लगभग पूरी हो चुकी है, लेकिन बारिश न होने से ज्यादातर फसलें सूख रही हैं। पानी न मिल पाने से धान का उत्पादन प्रभावित होने की संभावना है। किसान नलकूप एवं अन्य संसाधनों से फसलों में पानी लगा रहे हैं, जिससे लागत बढ़ने के साथ उन्हें आर्थिक रूप से भी हानि हो रही है। नवोन्मेषी पुरस्कार प्राप्त किसान राम मूर्ति मिश्रा बताते हैं कि सावन मास बारिश के लिए जाना जाता है, लेकिन अभी तक सूखे जैसी स्थिति बनी हुई है। उमस होने के कारण गर्मी से जनमानस व मवेशी भी परेशान हैं।
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इस समय बारिश न होने से तापमान में बढ़ोतरी और उमस के कारण जन जीवन बेहाल है। पिछले 24 घंटे में क्षेत्र का अधिकतम तापमान 35 डिग्री और न्यूनतम 27 डिग्री दर्ज किया गया। 24 घंटों में हल्की बारिश होने की संभावना बन रही है। सोमवार को कुछ राहत मिल सकती है।
-डॉ. अमरनाथ मिश्र, मौसम विज्ञानी