गौर। क्षेत्र में यूरिया खाद को लेकर हाहाकार है। पीक सीजन में साधन सहकारी समितियां पर खाद न होने से किसान परेशान नजर आ रहे हैं। यह संकट दिन प्रति दिन गहराता जा रहा है। यदि किसी समिति पर खाद पहुंच भी रही है, तो वहां से ज्यादा किसान लाइन लगाने को मजबूर हो रहे हैं। इसके बावजूद खाद नहीं मिल रही है। किसान मनमाने दामों पर यूरिया खरीद कर फसल बचाने की जुगत कर रहे हैं।
शुक्रवार सुबह गौर थाना परिसर से सटे सघन सहकारी समिति परासडीह पर 400 बोरी यूरिया पहुंची, तो वहां बड़ी संख्या में खरीदारों का हुजूम उमड़ पड़ा। कुछ ही देर में खाद समाप्त हो गई। लाइन में खड़े अधिकतर किसानों को निराश लौटना पड़ा।
किसान मोहम्मद यासीन, रामजस, विनोद, काशीराम, जगदीश, त्रियुगी, अनुज, मोहन आदि ने बताया कि इस समय धान में खाद डालना बेहद जरूरी होता है और सीजन के समय किसानों को समितियां से खाद नहीं मिल पा रही है। खाद के लिए क्षेत्र में किल्लत है। किसानों ने आरोप लगाया कि जिन समितियां पर खाद पहुंच रही है। वहां के सचिव अपनी मनमानी के चलते ऊंचे दामों पर कुछ किसानों को दस से बीस बोरी खाद दे रहे हैं। ऐसे में जिस न्याय पंचायत और ग्राम पंचायत में समिति स्थापित है। वहां के किसानों को खाद नहीं मिल पा रही है, जबकि बाहरी किसानों को खाद आसानी से मिल जा रही है।
समिति के सचिव चंद्र प्रकाश यादव ने बताया कि एक किसान अधिकतम पांच बोरी यूरिया खाद नकद ले सकता है।समिति पर एक माह बाद खाद पहुंची है। जिससे किसानों की भीड़ काफी थी,जो खाद आई थी उसे किसानों में वितरण कर दिया गया है। जो किसान दस से बीस बोरी का आरोप लगा रहे हैं। वह पूरी तरह निराधार है।