बस्ती। पुरानी बस्ती उपकेंद्र पर प्रेमचंद्र वर्मा अकुशल श्रमिक के रूप में तैनात थे। घटना के बाद से ही निगम के लोग इस तथ्य को दबाने में लगे हैं। अंदर खाने में इसकी चर्चा है कि आखिर किसके कहने पर अकुशल श्रमिक प्रेमचंद्र वर्मा खंभे पर चढ़े। विभागीय अफसर इसे लेकर गोलमोल जवाब दे रहे हैं। जो समझ से परे है। उल्लेखनीय है कि मस्जिद की बिजली खराबी की शिकायत उपकेंद्र पर 15 जून बुधवार शाम को दर्ज की गई थी, शिकायत निस्तारण के लिए सब स्टेशन ऑपरेटर श्रवण कुमार श्रीवास्तव ने कुशल श्रमिक राजेंद्र को जिम्मेदारी सौंपी थी। राजेंद्र मंगल बाजार क्षेत्र के आधिकारिक रूप से लाइनमैन हैं। शुक्रवार सुबह राजेंद्र अपने साथ प्रेमचंद्र को लेकर क्षेत्र में फाल्ट दुरूस्त करने निकले थे।
मो. अली को छह माह पहले विभाग से निकाला जा चुका है
- विभागीय सूत्र बताते हैं कि करीब छह माह पहले मो. अली को निकाल दिया गया था। ऐसे में वह घटना वाले दिन उन दोनों के साथ क्या कर रहा था। मान लें कि यदि मो. अली उनके साथ थे और सीढ़ी लाने गए थे तो जब प्रेमचंद्र खंभे पर बल्ली के सहारे चढ़ रहा था तो राजेंद्र कहां थे। यदि मौके पर थे तो उसे रोका क्यों नहीं। ऐसे में आखिर किसकी शह पर एक अकुशल श्रमिक खंभे पर फाल्ट दुरूस्त करने चढ़ा, यह जांच का विषय है।
सुबह आठ बजे फाल्ट दुरूस्त करने दो आदमी आए थे, एक आदमी शटरिंग वाली सीढ़ी के सहारे खंभे पर चढ़ा और दूसरा नीच से उसे बता रहा था। दो-तीन मिनट बाद करंट लगने से वह खंभे से नीचे गिर गया था। हम सब लोग मिलकर उसे जिला अस्पताल ले गए थे। -जमीर खान, प्रत्यक्षदर्शी
- प्रेमचंद्र अकुशल श्रमिक थे, ऐसे में वह किसके कहने पर खंभे पर फाल्ट दुरूस्त करने के लिए चढ़े। पूरे प्रकरण की जांच का निर्देश उपखंड अधिकारी को दिया है। रिपोर्ट के आधार पर दोषी पर कार्रवाई की जाएगी। -मनोज कुमार सिंह, अधिशासी अभियंता, नगरीय
- हमें अभी तक जांच से संबंधित कोई प्रपत्र नहीं प्राप्त हुआ है। यदि उच्चाधिकारियों से निर्देश मिलेगा तो जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। -राम इकबाल प्रसाद, उपखंड अधिकारी, प्रथम
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- मामला संज्ञान में आया है। लेकिन अभी तक विद्युत वितरण खंड की ओर से जांच कराने के लिए कोई पत्राचार नहीं किया गया है। ऐसे में इस बारे में कुछ अधिक कह पाना मुश्किल है।- एसके आर्या, अधीक्षण अभियंता, विद्युत वितरण मंडल बस्ती।