- हापुड़ पुलिस व प्रशासन के खिलाफ की नारेबाजी, बृहस्पतिवार को न्यायिक कार्यों से विरत रहेंगे वकील
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। सिविल बार एसोसिएशन के नेतृत्व में बुधवार को जिले के चार हजार से अधिक अधिवक्ताओं ने बाइक रैली निकालकर हापुड़ की घटना का विरोध किया। सिविल बार अध्यक्ष अजय प्रताप सिंह के नेतृत्व में निकाली गई रैली में अधिवक्ताओं ने हापुड़ पुलिस व प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। अधिवक्ताओं ने कहा कि जब तक सरकार दोषियों पर कार्रवाई नहीं करती है, तब तक विरोध प्रदर्शन चलता रहेगा।
जनपद न्यायालय के गेट नंबर-दो पर चारों तहसीलों सहित जिलेभर के अधिवक्ता एकत्रित हुए। यहां से बाइक पर सवार अधिवक्ता न्याय मार्ग से कंपनीबाग, गांधीनगर होते हुए रोडवेज तिराहा पहुंचे। यहां से मालवीय रोड, रंजीत चौराहा, रौता, फव्वारा चौराहा, काली मंदिर से होते हुए पानी टंकी पहुंचे। यहां से पुन: न्याय मार्ग होते हुए कलक्ट्रेट पहुंचे और मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन डीएम अंद्रा वामसी को दिया। कलक्ट्रेट से अधिवक्ता दोबारा जनपद न्यायालय के गेट नंबर दो पर पहुंचे जहां हापुड़ प्रशासन व पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की।
विरोध प्रदर्शन के बाद सिविल बार सभागार में द यंग बार, कमिश्नर बार, जनपद बार के पदाधिकारियों की संयुक्त बैठक हुई, जिसमें निर्णय लिया गया कि जिलेभर के अधिवक्ता 21 सितंबर को न्यायिक कार्यों से विरत रहेंगे। मौके पर रजनीश कुमार दुबे, विनोद कुमार भट्ट, शिवपूजन मिश्र, रमेश चंद्र पांडेय, अंगद मिश्र, विवेक शुक्ल, चंद्रभान पाठक, प्रदीप कुमार चतुर्वेदी, दिलीप सिंह आदि मौजूद रहे।
बाइक रैली निकालकर, मुख्यमंत्री को भेजा ज्ञापन
भानपुर। हापुड़ घटना के विरोध में अधिवक्ताओं ने बुधवार को बाइक रैली निकाली। रैली का नेतृत्व बार एसोसिएशन के तहसील अध्यक्ष सुरेंद्र प्रताप सिंह ने किया। इसके बाद अधिवक्ताओं ने मुख्यमंत्री को संबोधित पांच सूत्री ज्ञापन नायब तहसीलदार रामनगर कृष्ण मोहन यादव को दिया। संवाद
तहसील के साथ रजिस्ट्री ऑफिस का भी कामकाज रहा ठप
रुधौली। बार एसोसिएशन के आह्वान पर बुधवार को अधिवक्ता न्यायिक कार्याें से विरत रहकर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान तहसील के साथ रजिस्ट्री ऑफिस कार्यालय का भी कामकाज ठप रहा। बार एसोसिएशन के अध्यक्ष पारसनाथ पांडेय ने कहा कि हापुड़ घटना में जब तक दोषियों पर ठोस कार्रवाई नहीं की जाती तब तक कार्य बहिष्कार जारी रहेगा। मौके पर अधिवक्ता श्याम नारायण सिंह, हरिश्चंद्र शर्मा, प्रमोद सिंह, रमेश सिंह, दुर्योधन आर्य आदि मौजूद रहे। संवाद