बस्ती। स्वास्थ्य विभाग में सामान की आपूर्ति का 2.20 करोड़ का काम लखनऊ की दो कंपनियों को दिया गया है। इसमें अनियमितता का आरोप लगाते हुए हैदरगढ़ बाराबंकी के विधायक दिनेश रावत ने शिकायत की। मामले की जांच की मांग की थी। विधायक की शिकायत पर निदेशालय ने एडी हेल्थ नीरज पांडेय को जांच की जिम्मेदारी सौंपी है। हालांकि एडी हेल्थ ने कहा कि अभी तक पत्र नहीं मिला है। दो से तीन दिन में मिल जाएग। इसके बाद जांच की जाएगी।
स्वास्थ्य विभाग में सामानों की आपूर्ति के लिए पिछले माह में दो निविदा जैम पोर्टल पर जारी की। इसमें एक 96 लाख तथा 1.24 करोड़ की थी। इस निविदा में जैम पोर्टल पर सभी प्रपत्र अपलोड करना था। 96 लाख की निविदा में 20 पंजीकृत कंपनियों ने जबकि 1.24 करोड़ की निविदा में 22 यानी कुल 42 कंपनियों ने आवेदन किए। आवेदन के सत्यापन के उपरांत सभी कंपनियों के प्रपत्र सही पाए गए। इन्हें विभाग की ओर से एसीएमओ जय सिंह की ओर से एक पत्र जारी कर सभी को 15 दिसंबर को 11 बजे तक सीएमओ कार्यालय में पहुंचने का निर्देश दिया गया। नियत तिथि पर सभी कंपनियाें के प्रतिनिधि पहुंच गए। इसके बाद इनके आपूर्ति करने के लिए सामानों का नमूना देखा जाने लगा। अलग-अलग बुलाकर एक-एक से बात की गई और धीरे-धीरे कर पहले टेंडर से 17 व दूसरे से 16 कंपनियों को बाहर कर दिया गया। हालांकि अभी यह प्रक्रिया चल रही है। इसे लेकर एक विधायक ने शासन को प्रक्रिया के जांच की मांग की है।
निदेशक प्रशासन ने शुरू कराई जांच
शासन में स्वास्थ्य विभाग के निदेशक प्रशासन डॉ. राजा गणपति आर ने अपर निदेशक चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण को पत्र लिखा है। पत्र में कि निविदा में कमीशन को लेकर हैदरगढ़ बाराबंकी के विधायक दिनेश रावत की ओर से शिकायत की गई है। इसमें सीएमओ डॉ. आरएस दुबे व एसीएमओ डॉ. जय सिंह ने जैम के नियमों के विरुद्ध टेंडर प्रक्रिया में ठेकेदारों से 30 से 50 प्रतिशत कमीशन मांगे जाने का आरोप लगाते हुए कार्रवाई का अनुरोध किया गया है। ऐसे में शिकायती पत्र में लिखे बिंदुओं की जांच कर आख्या 15 दिन में उपलब्ध करा दें।
बोले सीएमओ
सीएमओ डॉ. आरएस दुबे ने कहा कि टेंडर प्रक्रिया जैम पर ही कराई गई थी। नमूना देखने के लिए ठेकेदारों को बुलाया गया था। क्योंकि पोर्टल पर स्पष्ट नहीं हो रहा था। यहां कोई खेल नहीं हुआ है। जो आरोप लगाए जा रहे हैं वह निराधार हैं।