सीजेएम कोर्ट ने पुलिस को दिया आदेश, आरोपी को गिरफ्तार कर प्रस्तुत करेंसंवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। महिला अधिकारी के उत्पीड़न, हत्या और दुष्कर्म के प्रयास के मामले में नामजद आरोपी नायब तहसीलदार सदर घनश्याम शुक्ल को मंगलवार को निलंबित कर दिया गया है। वहीं, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट न्यायालय ने आरोपी घनश्याम शुक्ल के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी करते हुए कोतवाली पुलिस को आदेश दिया है कि उन्हें अविलंब गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत करे।
राजस्व परिषद से जारी आदेश में नायाब तहसीलदार घनश्याम शुक्ल को निलंबन के दौरान मंडलायुक्त कार्यालय कानपुर से संबद्ध किया गया है। आयुक्त लखनऊ मंडल विभागीय जांच करेंगे। उत्तर प्रदेश सरकारी सेवक आचरण नियमावली-1956 के तहत प्रतिकूल आचरण करने के आरोप में कार्रवाई की गई है।
उधर, अदालत का आदेश मिलने के बाद आरोपी नायब तहसीलदार की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की छह टीमों काे रवाना किया गया है।
नायब तहसीलदार (निलंबित) घनश्याम शुक्ल पर महिला राजस्व अधिकारी ने 11/12 नवंबर की रात सरकारी आवास में जबरन घुसकर मारपीट, अश्लील हरकत, दुष्कर्म की कोशिश, गला दबाकर हत्या का प्रयास का आरोप लगाते हुए 17 नवंबर को कोतवाली में केस दर्ज कराया था।
मामले की विशाखा कमेटी के दिशा निर्देशों के आधार पर तीन महिला अधिकारियों की टीम से जांच कराई गई है। डीएम ने सोमवार को इसकी रिपोर्ट शासन को भेज दी थी। मंगलवार को राजस्व परिषद की तरफ से निलंबन का आदेश जारी किया गया।
परिषद की आयुक्त एवं सचिव मनीषा त्रिघाटिया ने आदेश में कहा है कि घनश्याम शुक्ल को उत्पीड़न करने, दुष्कर्म एवं हत्या की कोशिश करने तथा उत्तर प्रदेश सरकारी सेवक आचरण नियमावली-1956 के तहत प्रतिकूल आचरण करने के मामले में उप्र सरकारी सेवक (अनुशासन एवं अपील) नियमावली, 1999 के नियम-4 (2) के तहत निलंबित किया गया है।
साथ ही मंडलायुक्त कार्यालय कानपुर मंडल से संबंद्ध करने एवं उप्र सरकारी सेवक (अनुशासन एवं अपील) नियमावली, 1999 के नियम-7 के तहत अनुशासनिक कार्यवाही की संस्तुति कर, आयुक्त लखनऊ मंडल को जांच अधिकारी नामित किया गया है। डीएम बस्ती को भेजे आदेश में कहा गया है कि संस्थित विभागीय जांच में विलंबतम तीन दिवसों में सुसंगत साक्ष्यों सहित आरोपपत्र उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाए। संवाद