बस्ती। परदेश जाने वाले एवं लौटकर आने वाले यात्रियों की भीड़ इन दिनों बढ़ गई है। अप-डाउन ट्रेनों में सीटों के आरक्षण को लेकर अफरातफरी का माहौल है। कई-कई ट्रेनें सप्ताह भर पहले ही फुल हो जा रही हैं। आरक्षण काउंटर पर तत्काल टिकट लेने वालों की भीड़ सुबह से देखी जा रही है।
कोरोना काल से ट्रेनों के संचालन में शुरू उथल-पुथल की स्थिति अभी संभली नहीं है। यहां मुंबई, दिल्ली, गुजरात, कोलकाता एवं अन्य महानगरों के लिए अप डाउन मिलाकर कुल 52 ट्रेनों का ठहराव नियमित हो रहा है। वहीं साप्ताहिक एवं महीने में एक बार चलने वाली चार नई ट्रेनें भी बढ़ाई गई है।
बस्ती रेलवे स्टेशन से प्रतिदिन यात्रा करने वालों का औसत 20 हजार से बढ़कर 25 से 30 हजार हो गया है। ऐसे में कनफर्म टिकट की समस्या बढ़ गई है। यात्री आरक्षण के लिए परेशान हो रहे हैं। रेलवे के आरक्षण काउंटर पर सुबह से भीड़ जुट रही है। लेकिन महीने भर से पहले की बुकिंग नहीं हो पा रही है। खासकर मुंबई, गुजरात, दिल्ली जैसे शहरों में सप्ताह भीतर यात्रा करने में दिक्कत हो रही है। इन रूटों की अधिकतर ट्रेनें फुल रह रही हैं। वजह यह कि कुछ ट्रेनों की जनरल बोगियों को घटा दिया गया है। उनकी जगह पर एसी कोच बढ़ा दिए गए हैं। ऐसे में जनरल में यात्रा करने वाले भी अब आरक्षित टिकट लेने को विवश है। मसलन 12555 गोरखधाम एक्सप्रेस में जनरल के 6 डिब्बे होते थे। तीन डिब्बे कम कर दिए गए। वहीं इस ट्रेन में तीन एसी कोच बढ़ा दिया गया है। 22537 कुशीनगर एक्सप्रेस में 5 जनरल डिब्बे होते थे अब यह घटकर तीन हो गया है। इसमें भी दो एसी कोच बढ़ाए गए हैं। यानी उच्च श्रेणी के यात्रियों की सुविधा बढ़ी है। जबकि सामान्य यात्रियों के बोगियों में कटौती कर दी गई है। इससे आरक्षण के लिए यात्रियों का दबाव बढ़ गया है।
15 जून तक सभी ट्रेनों में बर्थ नहीं
आगामी 15 जून तक पूर्वोत्तर रेलवे से जुड़ी बस्ती स्टेशन पर ठहराव करने वाली सभी 52 ट्रेनों में बर्थ खाली नहीं है। इस समस्या के कम होने के आसार नहीं हैं। अनुमान है कि जून माह तक समस्या बनी रहेगी। वेटिंग टिकट पर यात्रा करने को विवश हो रहे हैं। यहीं वजह है कि ट्रेनों के द्वितीय श्रेणी और जनरल डिब्बों में ठसाठस भीड़ देखने को मिल रही है।
ये ट्रेनें बढ़ाई गईं
भीड़ को देखते हुए आठ स्पेशल ट्रेनें चलाई गई हैं। इनमें चार आप और चार डाउन हैं। 5011 अप एवं 5012 डाउन गोरखपुर-जयपुर एक्सप्रेस साप्ताहिक चलाई गई है। यह माह के 8, 15, 22 एवं 29 तारीख को यहां से चलेंगी। इसके अलावा 5063 अप एवं 5064 डाउन छपरा एलटीटी स्पेशल ट्रेन माह में एक बार 9 तारीख को यहां से चलेगी। डाउन माह के 11 तारीख आएगी। 5053 अप एवं 5054 डाउन गोरखपुर-बांद्रा एक्सप्रेस माह के 9 तारीख को यहां से प्रस्थान करेगी।
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यात्रियों की भीड़ को देखते हुए अप डाउन मिलाकर आठ स्पेशल ट्रेनों की नई व्यवस्था बनाई गई है। इसके अलावा कोरोना के बाद गोरखपुर-यशवंतपुर का ठहराव यहां सुनिश्चित हुआ है। इससे यात्रियों को काफी सहूलियत मिली है। -रवीश प्रताप सिंह, इंक्वायरी सुपरवाइजर, रेलवे।
दिल्ली तक यात्रा करा रही रोडवेज
रोडवेज डिपो की ओर से दिल्ली तक की सबसे दूरस्थ यात्रा कराई जा रही है। बस्ती से दिल्ली के लिए प्रतिदिन तीन बसों की सेवा स्थानीय डिपो पर उपलब्ध है। इसके अलावा एक बस बढ़नी वाया बलरामपुर दिल्ली दौड़ाई जा रही है। अलग-अलग जगहों से चार बसें साप्ताहिक दिल्ली तक चलाई जा रही है। संतकबीरनगर के डाड़ेगांव, शाहपुर, अशरफपुर, बिड़हर घाट से ये बसें शुक्रवार को रामजानकी मार्ग से होकर दिल्ली के निकलती है। इनकी वापसी सोमवार को होती है। वहीं स्थानीय डिपो से प्रयागराज के लिए एक बस प्रतिदिन सुबह 9 बजे निकलती है। इसी समय दूसरी बस खलीलाबाद से निकलती है। यह बस्ती होते हुए प्रयागराज पहुंचती है। बस्ती से मथुरा के लिए, बस्ती से झांसी के लिए, बस्ती वाराणसी के लिए भी प्रतिदिन एक बस चलती है। इसके अतिरिक्त बस्ती से लखनऊ और कानपुर के लिए प्रतिदिन 16 बसें दौड़ाई जा रही है।
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लोकल रूटों के अलावा महानगरों के लिए नियमित बस सेवाएं संचालित की जा रही है। डिपो की ओर से यात्रियों को दिल्ली तक की बस सेवा देने के लिए मुख्यालय के अलावा ग्रामीण क्षेत्रों को भी जोड़ा गया है। यात्रियों के आवक के हिसाब में लंबे रूट के बसों में बढ़ोतरी भी की जाती है। -आयुष भटनागर, एआरएम, रोडवेज डिपो।