बस्ती। बिना आराम किए लगातार वाहन चलाने, बिना चालक बदले लंबी दूरी का सफर, गंतव्य तक जल्दी पहुंचने का दबाव अक्सर जिंदगी पर भारी पड़ रहा है। फिर भी लोग इसे नजरअंदाज कर रहे हैं। सड़क पर महज पांच सेकंड की झपकी जिंदगी पर भरी पड़ रही है। फोरलेन पर हो रहे लगातार हादसों की वजह माइक्रोस्लीप बताई जा रही है।
आंकड़े गवाह हैं कि पिछले एक वर्ष में हुए 174 सड़क हादसों में 70 फीसदी हादसे चालक की लापरवाही के कारण हुए। उसमें तीस फीसदी हादसे चालक को झपकी आने के कारण हुए हैं। अधिकतम पांच से आठ सेकंड की झपकी में न जाने कितने परिवार की खुशियां छिन जा रही हैं। एनएचएआई के सेप्टी मैनेजर श्याम अवतार शर्मा का कहना है कि रात दो बजे से सुबह सात बजे के बीच होने अधिकतर हादसे चालक को झपकी आने के कारण हो रहे हैं।
एसपी गोपाल कृष्ण चौधरी का कहना है कि सड़क सुरक्षा माह के दौरान इस संबंध में चालकों को काफी आगाह किया जाता है। यातायात पुलिस को भी लगातार बताया जाता है कि लंबी दूरी की यात्रा करने वाले चालकों को समझाएं कि वे तीन-चार घंटे के अंतराल पर वाहन खड़ा करके आराम कर लें।
पलट गया था 28 यात्रियों को लेकर जा रहा पिकअप
15 मई को तड़के डुमरियागंज मार्ग पर सोनहा थाना क्षेत्र के रामनगर पड़ाव के पास बहराइच से 28 यात्रियों को लेकर संतकबीरनगर जा रहा पिकअप अनियंत्रित होकर उस समय पलट गया जब चालक को अचानक झपकी आ गई। इस दुर्घटना में पिकअप में सवार 8 यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए, जबकि 20 को सवारों का हल्की चोट आई। घायलों को सीएचसी भानपुर ले जाया गया, जहां डॉक्टर ने गंभीर घायलों में एक युवक को मृत घोषित किया, जबकि अन्य घायलों का प्राथमिक इलाज कर उन्हें घर भेजा दिया गया। हादसे में घायल यात्री संतकबीरनगर के ग्राम ढोढयां, अमरडोभा, मेंहदावल, थाना बखिरा के थे।
रेड़वल गांव के पास पलट गया था सीमेंट लदा ट्रेलर
छावनी थाना क्षेत्र में 16 मई की भोर में सीमेंट लादकर जा रहे अनियंत्रित ट्रेलर ने रेड़वल गांव के पास अज्ञात बाइक सवार को टक्कर मार दी। इस दुर्घटना में बाइक सवार घायल हो गया। घायल को हर्रैया स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां से उसे घर भेज दिया गया। पुलिस के अनुसार हादसे की वजह ट्रक चालक को झपकी आना बताया जा रहा है।
पांच लोगों की गई थी जान 12 अगस्त 2021 को लखनऊ के अब्दुल अजीज अपने परिवार के साथ झारखंड अपने पैतृक गांव जा रहे थे। गोटवा बाजार नगर थाना क्षेत्र के राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित कटया के पास खड़े कंटेनर में उनकी कार जा टकराई। हादसा इतना भयानक था कि कार में सवार अब्दुल अजीज समेत पांच लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। कार चालक को नाजुक हालत में जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां उसने इलाज के दौरान बताया कि उसे हल्की झपकी आ गई थी।
डिवाइडर से टकराकर पलटा था पिकअप
- चार दिन पहले आठ मई को गोरखपुर के पास हो रहे सड़क निर्माण का काम करने के लिए लखीमपुर से मजदूर गोरखपुर लाए जा रहे थे। 13 मजदूर पिकअप में सवार होकर रात में वहां से निकले। भोर में करीब चार बजे पिकअप के चालक को झपकी आ गई। जिससे पिकअप डिवाइडर पर चढ़कर पलट गई और उसमें सवार 13 मजदूर घायल हो गए। चीख सुनकर आसपास के लोग दौड़े और पुलिस को सूचना दी गई।
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अमहट पुल से लटक गई थी एंबुलेंस
23 सितंबर 2022 को गुरुग्राम से गोरखपुर शव लेकर जा रही एंबुलेंस बस्ती फोरलेन पर कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत स्थित कुआनो नदी के पुल की रेलिंग से टकराकर नदी की तरफ लटक गई। गनीमत रही कि एंबुलेंस नदी में नहीं गिरी। घटना से अंदर बैठे लोग घबराकर चिल्लाने लगे। सूचना पर पहुंची पुलिस और एनएचएआई की टीम ने एंबुलेंस को निकलवाया।
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पेड़ से टकराई थी कार
- 24 अप्रैल को हिमाचल प्रदेश के किन्नौर के रहने वाले अनिल नेगी अपने परिवार के सदस्यों के साथ कार से बिहार के सीवान जिला जा रहे थे। तड़के पांच बजे जैसे ही ये लोग हर्रैया थाना क्षेत्र के भारतनगर के पास पहुंचे तभी कार अनियंत्रित होकर सड़क के किनारे पेड़ से टकरा गई। जिसमें नेगी, चालक और उनके तीन बच्चे गंभीर रूप से घायल हो गए थे।
भोर में होते हैं सबसे ज्यादा हादसे
- वाहन तकनीकी जानकारों का कहना है कि हल्की सी झपकी आने की वजह से ज्यादातर हादसे हो रहे हैं। यह हादसे भोर के 2 बजे से सुबह 7 बजे के बीच ज्यादा होते हैं। इसमें इसमें पांच-छह सेकंड के लिए चालक को झपकी आती है और इसी बीच हादसा हो जाता है। लगातार ड्राइविंग और थकान की वजह से ऐसा हो रहा है।
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इन बातों का ख्याल रखें
- अगर सुस्ती आए तो तत्काल गाड़ी को किनारे लगा लें। - तीन से चार घंटे की ड्राइविंग पर कहीं चाय या पानी पीकर फ्रेश हो जाएं।
- अगर रात को नींद पूरी न हुई हो तो सुबह गाड़ी लेकर न निकलें। - अगर कोई शुगर का मरीज हो तो लंबी ड्राइविंग न करें। - पूरी रात को सफर तय करने से बचें। - चालक की सीट के बगल में बैठने वाले न सोएं।