लोक अदालत : कई दंपती साथ रहने पर हुए राजी, बंदियों ने हस्तशिल्प कला की प्रदर्शनी लगाई
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। जनपद न्यायालय, कलक्ट्रेट और तहसीलों में शानिवार लोक अदालत का आयोजन किया गया। इस दौरान सुलह-समझौते से 85115 मामले निस्तारित किए गए।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष एवं जनपद न्यायाधीश कुलदीप सक्सेना के मार्गदर्शन में मामलों की सुनवाई की गई। प्राधिकरण के सचिव एवं अपर जिला जज अनिल कुमार की देखरेख में जनपद न्यायालय परिसर, सभी ग्राम न्यायालय, सभी तहसील, राजस्व न्यायालय में यह आयोजन हुआ। डीएम रवीश गुप्ता एवं एसपी गोपाल कृष्ण चौधरी ने भी योगदान दिया। लोक अदालत में विभिन्न प्रकार के कुल 85115 वादों का निस्तारण किया गया। इसमें बैंक ऋण व प्री-लिटिगेशन स्तर पर 62118 मामलों को एवं न्यायालयों के 22997 वादों का निस्तारण सुलह-समझौते के आधार पर कराया गया।
मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण द्वारा कुल 74 मामले निस्तारित किए गए। इसमें 10935000 की धनराशि क्षतिपूर्ति के रूप में प्रदान की गई। आपराधिक वादों के निस्तारण के दौरान 153060 रुपये की धनराशि अर्थदंड एवं अन्य मामलों में 7190952 रुपये समेत कुल 3770177 रुपये की राजस्व वसूल की गई। बैंक ऋण के 460 मामलों को निस्तारित कराकर 2,17,62,600 रुपये पर समझौता हुआ। परिवार न्यायालय से जुड़े 75 मामले निस्तारित हुए। कई दंपती सुलह-समझौते के आधार पर साथ रहने को सहमत हुए।
इस दौरान जिला कारागार में निरूद्ध बंदियों द्वारा निर्मित हस्तशिल्प कला की प्रदर्शनी भी लगाई गई। जिसकी लोगों ने खरीदारी भी की। इस मौके पर पीठासीन अधिकारी मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण अखिलेश दुबे, प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय आराधना रानी, अपर जिला जज प्रथम शिव चंद, अपर जिला जज/ विशेष न्यायाधीश (ईसी एक्ट) राम करन यादव, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट आशीष कुमार राय आदि ने अहम भूमिका निभाई।