राजेंद्र प्रसाद गौड़ व साहिल अंसारी निवासी वार्ड नंबर-10 सीसी रोड आजाद नगर तमकुही रोड थाना सेवरही जनपद कुशीनगर, काशीनाथ निवासी टड़वा सपही थाना तुर्कपट्टी जनपद कुशीनगर, रमाशंकर जायसवाल निवासी मोहन बाजार महाराजगंज थाना महाराजगंज जनपद सिवान (बिहार) व स्वामीनाथ निषाद निवासी डाड़ी थाना गोला जनपद गोरखपुर शामिल है। राजेंद्र प्रसाद गौड़ के कब्जे से 09.478 किलोग्राम, काशीनाथ से 10.230 किलोग्राम, रमाशंकर जायसवाल से 10.292 किलोग्राम, साहिल अंसारी से 10.846 किलोग्राम और स्वामीनाथ निषाद से 10.100 किलोग्राम गांजा मिला।
सस्ता होने की वजह से बढ़ी तस्करी
गांजा के धंधे से जुड़े सूत्र बताते हैं कि नेपाल का गांजा लाकर भारत में बेचना काफी मुनाफे का सौदा होता है। एक अनुमान के मुताबिक नेपाल में ढाई तीन हजार रुपये किलो गांजा की कीमत 25 से 30 हजार हो जाती है। वहीं उड़ीसा में एक किलो गांजा ढाई हजार रुपये, मध्य प्रदेश में साढ़े तीन हजार रुपये में मिलता है जिसे यूपी में 14 से 15 हजार रुपये में बेचा जाता है। इस तरह उड़ीसा या मध्य प्रदेश से लाया गया गांजा में प्रति किलो 10-11 हजार रुपये का फायदा होता है, जबकि नेपाल का गांजा लाने पर 22 से 24 हजार रुपये का फायदा होता है। इसीलिए नेपाल से इसकी तस्करी सबसे ज्यादा होती है।
इन जिलों में होती है खेती
नेपाल के पहाड़ी क्षेत्रों में कृषि योग्य भूमि बहुत कम है। तराई के लगभग 22 जिलों में धान और गेहूं की खेती की जाती है, पर सिंचाई की सुविधा न मिलने के कारण पैदावार बहुत कम मात्रा में होती है, जिससे एक बड़ी संख्या में नेपाली किसान नशे की खेती पर ध्यान देने लगे हैं। पहले ये खेती पहाड़ी क्षेत्र के जिला दांग में मुख्य रूप की जाती थी पर अब तराई के लगभग 40 विकास क्षेत्रों वारा, परसा, वीरगंज और नवलपरासी में भी की जाने लगी है।
खुली सीमा होने से बढ़ी तस्करी
इंडो-नेपाल बार्डर नजदीक होने और काफी एरिया खुला होने की वजह से गांजा की तस्करी काफी होती है। खासकर बढ़नी इलाके से सिद्धार्थनगर होकर वाया बस्ती यूपी ही नहीं दिल्ली और मुंबई तक इसकी खेप पहुंचाई जाती है। पुलिस कभी कभार ही इसकी बड़ी खेप पकड़ पाती है। पिछले तीन महीनों में यह सबसे बड़ी बरामदगी है। जबकि सूत्र बताते हैं कि प्रतिदिन एक से डेढ़ क्विंटल गांजा जनपद से होकर लाया जाता है। एसपी गोपाल कृष्ण चौधरी का कहना है कि नशे के अवैध धंधे पर रोक लगाने के लिए पुलिस काफी गंभीर है।