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Basti News: जमानत राशि भी नहीं बचा सके 65 फीसदी उम्मीदवार

Mon, 15 May 2023 01:33 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
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बस्ती। चुनावी गणित के आगे सारे गणितज्ञ फेल हो जाते हैं। निकाय चुनाव परिणाम ने फिर इस बात को साबित कर दिया है। आंकड़े गवाह हैं कि खुद को राजनीति का सूरमा समझने वाले कई दिग्गजों को मतदाताओं ने ऐसी पटकनी दी कि वे अपनी जमानत तक नहीं बचा पाए। कहीं पर सूबे में परचम लहराने वाली भाजपा तो कहीं नगर पालिका जैसी प्रतिष्ठापूर्ण सीट को भारी मतों से जीतने वाली सपा को जमानत बचाने के लाले पड़ गए। कांग्रेस, आम आदमी पार्टी, सुभासपा की कौन कहे, खुद को तीसरे नंबर की पार्टी होने का दंभ भरने वाली बसपा ने भी ज्यादातर सीटों पर जमानत गंवा दी है।
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नगर पालिका सीट से कुल 14 प्रत्याशी मैदान में थे। जिनमें विजयी सपा के अलावा सिर्फ भाजपा जमानत बचा सकी। बाकी 12 उम्मीदवार जमानत बचाने के लिए जरूरी 9093 मत भी नहीं जुटा सके। भाजपा के लिए सबसे शर्मनाक स्थिति मुंडेरवा में रही। जहां उसका कंडीडेट चौथे स्थान पर रहा और उसकी भी जमानत जब्त हो गई। वहां सिर्फ विजयी बसपा और दूसरे स्थान पर रहे निर्दल प्रत्याशी की ही जमानत बच सकी है।
दूसरी नगर पंचायतों की बात करें तो शहर के सबसे करीबी गनेशपुर नगर पंचायत में जीतने वाली भाजपा, निर्दल व सपा के उम्मीदवार की जमानत ही बच पाई है। यही हाल गायघाट नगर पंचायत का रहा। वहां सात में से जीतने वाले भाजपा, सपा और बसपा प्रत्याशी ही जमानत बचा पाए। नगर पंचायत नगर बाजार में जीतने वाली भाजपा और निर्दल उम्मीदवार के अलावा सपा, बसपा समेत किसी प्रत्याशी की जमानत नहीं बची। मुंडेरवा में जीत का परचम लहराने वाली बसपा बनकटी में अपनी जमानत तक गंवा बैठी। वहां सिर्फ सपा उम्मीदवार की जमानत ही बच पाई है। कमोबेस यही हाल हर्रैया, बभनान, रुधौली का भी रहा।
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इस स्थिति में जब्त होती है जमानत राशि
- प्रत्येक उम्मीदवार नामांकन पत्र के साथ एक निर्धारित रकम जमानत के तौर पर जमा करता है। यदि कोई प्रत्याशी कुल पड़े वैध मतों का 1/6 यानी कुल 16.66 प्रतिशत हिस्सा हासिल नहीं कर पाता तो उसकी जमानत राशि जब्त कर ली जाती है। हालांकि नामांकन रद्द होने या वापस होने की स्थिति में जमानत राशि लौटा दी जाती है। यदि उम्मीदवार की चुनाव से पहले मौत हो जाए तो भी उसके परिजनों को यह राशि लौटाने का प्रावधान है।
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