बस्ती। निकाय चुनाव में इस बार 63 महिला प्रत्याशी मैदान में हैं। उनमें कई प्रत्याशी ऐसी हैं, जिनकी समाज में पहचान है और वे अपने बूते आगे बढ़ रहीं हैं, मगर कुछ ऐसी भी हैं जो अपने पति या किसी अन्य रिश्तेदार के नाम पर चुनाव लड़ रही हैं। इनका राजनीतिक अनुभव न के बराबर है। यह अलग बात है कि मेहनत में वह किसी से पीछे नहीं हैं।
नगर पालिका परिषद बस्ती और नगर पंचायत गनेशपुर, नगर बाजार व बनकटी का अध्यक्ष पद इस बार महिला के लिए आरक्षित है। चारों सीटों पर महिला प्रत्याशियों की संख्या 53 है। नगर पालिका सीट की बात करें तो यहां एक महिला प्रत्याशी ही अपने दम पर चुनाव मैदान में हैं। वह काफी समय से राजनीति से जुड़ी हैं। वर्ष 2017 में रालोद से चुनाव हारने के बाद अब फिर से सुभासपा से मैदान में हैं। उनके अलावा निर्दयीय प्रत्याशी सुबूही निकहत भी अपने दम पर चुनाव लड़ रहीं हैं।
नेहा वर्मा सपा और सीमा खरे भले बीजेपी प्रत्याशी के रूप में चुनाव मैदान में हों, लेकिन पूरी बागडोर उनके पति के हाथ में है। इनके अलावा अन्य महिला प्रत्याशियों का चुनावी अनुभव बिल्कुल नहीं है। उनके परिवार में या तो पति राजनीति से जुड़े हैं या फिर देवर, जेठ या ससुर के बलबूते पर उन्होंने नामांकन किया है। यही हाल नगर पंचायत बनकटी, गनेशपुर और नगर बाजार का भी है। इनके अलावा अन्य नगर पंचायतों मसलन रुधौली, हर्रैया व मुंडेरवा में दस महिला प्रत्याशी पुरुषों के मुकाबले मैदान में हैं। अधिकतर महिलाओं के पीछे उनके परिवार वाले खड़े हैं, जिनके दम पर वह निकाय चुनाव में उतरीं हैं।
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नगर निकाय की महिला सीटें
नगर पालिका बस्ती-14 , नगर पंचायत बनकटी-11, गनेशपुर-8 व नगर बाजार-20
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अन्य नगर पंचायतों में दावेदारी
रूधौली, हर्रैया व मुंडेरवा यूं तो सामान्य सीट है, मगर इन सीटों पर रुधौली में 5, हर्रैया में 3 तथा मुंडेरवा में 2 महिला प्रत्याशियों ने दावेदारी की है।