बस्ती। जिले में मुन्ना भाई सेहत से खिलवाड़ कर मलाई काट रहे हैं। बिना चिकित्सक धंधा चमकाने वाले तमाम नर्सिंग होम में सुपर स्पेशिलिटी का भी बैनर लगाए हैं। स्वास्थ्य विभाग के सर्वे में अब तक 56 अस्पताल फर्जी पाए गए हैं। 47 अस्पतालों के संचालकों को नोटिस जारी किया गया है। जबकि 5 अस्पताल बंद पाए गए।चार के खिलाफ कार्रवाई करते हुए एफआईआर दर्ज कराई गई है।
यह खुलासा तब हुआ जब शासन की ओर से जिले के एक दंत चिकित्सक के नाम पर सूबे के 52 जिलों में अस्पताल संचालन की सूचना मिली। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी संबंधित अस्पताल पर पहुंचे तो पता चला कि वह केवल अपनी डिग्री दंत चिकित्सक के रूप में पंजीकृत कराकर प्राइवेट प्रैक्टिस करते हैं। गहनता से जांच के बाद स्वास्थ्य अधिकारी बैरंग लौट आए। इसी बीच एक और चिकित्सक ने शिकायत दर्ज कराई कि उनकी डिग्री का फर्जी प्रयोग कर रुधौली व एक अन्य स्थान पर नर्सिंग होम संचालित हो रहा है। इन स्थितियों को संज्ञान में लेकर जब एसीएमओ डॉ. एसबी सिंह के नेतृत्व में सर्वे हुआ तो पता चला कि 56 अस्पताल फर्जी ढंग से संचालित हैं। इन सभी को नोटिस जारी किया गया है। सर्वे के दौरान 5 अस्पताल बंद मिले। 4 अस्पतालों की जांच के बाद उन्हें बंद करवाकर उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है। जबकि 47 को तत्काल बंद करने का नोटिस जारी कर दिया गया है।
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बोले डॉक्टर
जांच अधिकारी डॉ. एसबी सिंह ने कहा कि उन्होंने सर्वे किया है, जिसमें यह तथ्य उभर कर सामने आया है कि 56 अस्पताल फर्जी ढंग से संचालित किए जा रहे हैं। इनके पास न तो डॉक्टर हैं और न कोई ऐसा व्यक्ति जो चिकित्सीय डिग्री रखता हो। ऐसे में सभी के खिलाफ कार्रवाई की नाेटिस जारी किया गया है। शासन को भी यही रिपोर्ट भेजी गई है।