भद्रेश्वरनाथ मंदिर में पांच लाख कांवड़ियों ने किया जलाभिषेक
बस्ती। पावन श्रावण त्रयोदशी पर शिवभक्तों ने अपने आराध्य का जलाभिषेक किया। अयोध्या से पावन सरयू नदी का जल भरकर लाए करीब पांच लाख कांवड़ियों ने भद्रेश्वरनाथ समेत विभिन्न शिवालयों में जलाभिषेक किया। बाबा भद्रेश्वरनाथ में कांवड़ियों पर हेलीकॉप्टर से डीएम व एसपी ने पुष्पवर्षा की। वहीं, मंगलवार शाम हाईवे पर यातायात सामान्य रूप से बहाल कर दी गई।
सोमवार मध्य रात्रि के बाद मुख्य गर्भगृह का कपाट खुलते ही शिव भक्तों का हुजूम उमड़ पड़ा। मंगलवार शाम तक जलाभिषेक का सिलसिला चलता रहा। कमिश्नर गोविंद राजू एनएस, डीआईजी आरके भारद्वाज, डीएम प्रियंका निरंजन, एसपी आशीष श्रीवास्तव ने हेलीकाप्टर से भद्रेश्वरनाथ, कड़र आदि कई स्थानों पर मेले की निगरानी की और कांवड़ियों पर फूल बरसाए। कमिश्नर और डीआईजी ने संतकबीरनगर के तामेश्वरनाथ मंदिर की भी निगरानी की और फूल बरसाए।
प्रदेश सरकार के निर्देश पर इस बार पुलिस प्रशासन कांवड़ यात्रा को लेकर काफी संवेदनशील रहा। डीएम, एसपी से लेकर कई थानेदारों को कांवड़ यात्रियों की सेवा करते देखा गया। कई जगह पुलिस व प्रशासनिक विभाग का कैंप लगाकर भोजन, नाश्ते और इलाज का प्रबंध किया गया था। जिससे कांवड़िए निहाल हो गए। डीएम और एसपी भद्रेश्वरनाथ मंदिर पर रात से ही मौजूद रहकर व्यवस्था की कमान संभाल रखी थी।
भद्रेश्वरनाथ के अलावा अमहट, देवरिया माफी आदि शिव मंदिरों पर भी शिवभक्तों का हुजूम पहुंचा। इस बार पुलिस प्रशासन के अभूतपूर्व इंतजाम के चलते कांवड़ियों को कोई असुविधा नहीं हुई। इस महा आयोजन के सकुशल संपन्न होने पर पूरी ताकत झोंक चुके पुलिस व प्रशासनिक टीम ने राहत की सांस ली। मंदिर परिसर खासकर गर्भगृह में भीड़ नियंत्रित करने के लिए बनाई गई बैरिकेडिंग का सबसे अधिक फायदा मिला। हालांकि कई बैरिकेडिंग भीड़ के दबाव में चरमरा गई लेकिन पुलिस कर्मियों ने उसे दोबारा कायम कर लिया।
23 जुलाई से कांवड़ यात्री अयोध्या धाम से सरयू नदी का पवित्र जल लेने अयोध्या रवाना हुए। 25 जुलाई से ही उनके पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था। काफी संख्या में कांवड़ियों ने कुआनों नदी के अमहट घाट पर पूजा-अर्चना की और शुभ घड़ी आने का इंतजार किया। अयोध्या से जिले की सीमा में प्रवेश करते ही पुलिस प्रशासन का अभूतपूर्व इंतजाम देखा गया। कांवड़ियों का हुजूम कई बार बेकाबू होने की स्थिति में आया लेकिन पुलिस अधिकारियों की सूझबूझ से स्थित को संभाल लिया गया। पूरे यात्रा मार्ग को 14 सेक्टर और सात जोन में बांटा गया था।
----
तैनात रहा भारी पुलिस बल
एसपी आशीष श्रीवास्तव ने बताया कि मंगलवार शाम हाईवे पर यातायात बहाल कर दी गई। वहीं, जलाभिषेक के लिए भद्रेश्वरनाथ मंदिर पर दो एएसपी, 10 सीओ, 35 निरीक्षक, 280 उप निरीक्षक, 25 महिला उप निरीक्षक, आठ उप निरीक्षक यातायात, 11 सौ हेड कांस्टेबल/कांस्टेबल, 250 महिला आरक्षी, डेढ़ कंपनी पीएसी, पांच फायर टेंडर, 40 यातायात कांस्टेबल लगाए गए थे। भद्रेश्वर नाथ मंदिर और आसपास के क्षेत्र में 24 सीसीटीवी कैमरे लगा कर निगरानी की गई। सुरक्षा की दृष्टि से मंदिर के गेट पर डोरफ्रेम मेटल डिटेक्टर से होकर कांवड़ियों को गुजारा गया।
----
दोपहर बाद शुरू हो गया आवागमन
- 24 घंटे से लॉक शहर के तमाम रास्तों पर मंगलवार दोपहर के बाद से आवागमन शुरू हो गया। जिससे स्थानीय लोगों को काफी राहत मिली। हालांकि स्थानीय अवकाश होने की वजह से स्कूल कालेज व सरकारी कार्यालय बंद रहे। मगर रोजमर्रा की जरूरतों के लिए बाजार में निकलने वालों को काफी दिक्कत हो रही थी।
-------------------