48.33 करोड़ की लागत से शुरू है विधि विज्ञान प्रयोगशाला का निर्माण
मोबाइल अपराध, खून, अंगुली व मादक पदार्थों समेत अन्य नमूनों की जांच के लिए मंडल में मिलेगी सुविधा
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। मंडल मुख्यालय पर विधि विज्ञान प्रयोगशाला (फाॅरेंसिक लैब) का निर्माण नवंबर से शुरू है। अब तक पांच करोड़ रुपये खर्च हो चुके हैं। अगले तीन महीने तक काम चालू रखने के लिए करीब 15 करोड़ रुपये खर्च होने का अंदाजा लगाया जा रहा है। इसके लिए कार्यदायी संस्था पीडब्ल्यूडी के भवन निर्माण खंड ने शासन को डिमांड भेज दिया है।
उम्मीद है कि मार्च 2025 तक मंडल में ही मादक पदार्थों, खून, अंगुली व मोबाइल फोन के जरिए होने वाले अपराधों की जांच कर कम समय में नतीजा निकाला जा सकेगा। इससे संबंधित लंबित मुकदमों की प्रभावी पैरवी की जा सकेगी। बस्ती सदर तहसील के पचीसा गांव में निर्मित होने वाले इस लैब पर 48.33 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। इसमें लैब के अलावा परीक्षण से संबंधित अन्य संसाधनों के इंतजाम किए जाएंगे।
प्रदेश में 12 फाॅरेंसिक लैब हैं। जहां सभी जिलों से आए नमूनों की जांच होती है। इससे रिपोर्ट मिलने में 15 दिन से एक माह तक का समय लग जाता है। रिपोर्ट आने के बाद उन नमूनों की जांच को साक्ष्य के रूप में कोर्ट में प्रस्तुत किया जाता है। इसमें सबसे अधिक मादक पदार्थों के नमूनों की जांच में मुश्किलें आती हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस मुश्किल को आसान करने के लिए मार्च 2023 में प्रदेश के बस्ती, अयोध्या, मिर्जापुर, आजमगढ़, बांदा व सहारनपुर समेत छह जिलों में भी फाॅरेंसिक लैब बनाने के निर्देश दिए थे। इसके निर्माण की जिम्मेदारी पीडब्ल्यूडी भवन खंड को सौंपी गई है।
पीडब्ल्यूडी भवन खंड के अधिशासी अभियंता सत्यपाल ने बताया कि फॉरेंसिक लैब के लिए भवन निर्माण का कार्य शुरू है। पहले से जारी धन खर्च हो चुके हैँ। दूसरी किस्त की मांग की गई है।
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पांच मंजिला भवन में स्थापित होगा पूरा लैब
पीडब्ल्यूडी भवन खंड के सहायक अभियंता अखिलेश कुमार सिंह व साइट इंजीनियर आरपी चौधरी के अनुसार, 2076 वर्ग मीटर भूभाग में पांच मंजिला भवन का निर्माण कराया जा रहा है। भूतल पर पार्किंग और प्रथम तल पर रिकार्ड रूम, साइंटिस्ट रूम, डॉक्यूमेंट रूम, प्रशासनिक भवन, मैनेजमंट व फील्ड यूनिट रूम के साथ ही फिजिक्स व बैलेस्टिक डिवीजन बनाया जाएगा। दूसरे तल पर एनलाइसिस रूम, केस ओपेनिंग, सीविट रीओपेन रूम, मीटिंग हाॅल, लाइब्रेरी, रिकार्ड रूम, स्टोर रूम व डीडी बायोलॉजी के रूम बनाए जाएंगे। तीसरे तल पर फोटो डिवीजन, डीडी कंप्यूटर व डीडी मेडिकालोजी, डीप रेफ्रिजरेटर व साइंटिस्ट रूम का निर्माण होना है। साथ ही चौथे मंजिल पर कैंटीन, फायरिंग रेंज, डीडी टाक्सानोलॉजी डिवीजन, कमेस्ट्री डिवीजन व रेफ्रिजरेटर रूम स्थापित किए जाएंगे।