आरटीओ ने जारी की नोटिस, कबाड़ में न बेचने पर होगी कार्रवाई
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। जिले के विभिन्न मार्गों पर उम्र पूरी कर चुकीं 375 कामर्शियल गाड़ियां राहगीरों के लिए जानलेवा बन चुकी हैं। इनके खिलाफ आरटीओ ने नोटिस जारी कर कबाड़ में बेचने की चेतावनी दी है। ऐसा न करने पर वाहनों को सीज किया जाएगा। साथ ही, वाहन स्वामियों पर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
नए जमाने की वाहनों से सड़कें गुलजार रहती हैं। बावजूद इसके अब भी दशकों पुराने कामर्शियल वाहन फर्राटे भरते दिख जाते हैं। सरकार ने पर्यावरण संरक्षण के लिए ऐसी सभी वाहनों पर प्रतिबंध लगाने का फरमान जारी किया है, जो अपनी उम्र पूरी कर चुकी हैं। इस क्रम में सबसे पहले शासन के निशाने पर सरकारी विभागों के वाहन हैं। जहां शासनादेश जारी कर 30 सितंबर तक उम्र पूरी कर चुके वाहनों को कबाड़ घोषित कर नष्ट कराने का निर्देश दिया जा चुका है।
इसी क्रम में उम्र पूरी कर चुके कामर्शियल वाहनों को भी शामिल किया गया है, जो राहगीरों के लिए जानलेवा बन चुके हैं। इस तरह के जिले में 375 वाहन चिह्नित किए गए हैं। एआरटीओ पंकज सिंह ने इन वाहनों के स्वामियों को नोटिस जारी कर कबाड़ में बेचने की सलाह दी है।
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वाहनों को कबाड़ बनाने पर 75 फीसदी तक टैक्स में छूट
एआरटीओ पंकज सिंह के अनुसार, उम्र पूरी कर चुके कामर्शियल वाहनों को कबाड़ घोषित करने पर पेनॉल्टी पूरी तरह से माफ करने का प्रावधान है। साथ ही, उन वाहनों पर बकाया टैक्स में 50 से 75 फीसदी छूट देने का इंतजाम शासन ने किया है। वर्तमान में पूरे प्रदेश में रजिस्टर्ड व्हीकल स्क्रैपिंग फैसिलिटी के 32 सेंटर बनाए गए हैं। इसकी सूची परिवहन विभाग की वेबसाइट पर उपलब्ध है। कोई भी वाहन जिसकी उम्र 15 अथवा 20 वर्ष पूरी हो चुकी है, वह वहां जाकर कबाड़ में बेच सकता है। वहां से सर्टिफिकेट ऑफ डिपॉजिट प्राप्त कर आरटीओ ऑफिस में जमा करने पर वाहन की पेनॉल्टी पूरी माफ हो जाएगी। 50 फीसदी बकाया टैक्स भी खत्म कर दिया जाएगा। वहीं 20 वर्ष पुराने वाहनों पर 75 फीसदी बकाया टैक्स माफ कर दिया जाएगा।