बस्ती। डिजिटल लिटरेसी, कंप्यूटेशनल, थिंकिंग, कोडिंग एवं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का पांच दिवसीय प्रशिक्षण शनिवार को पूरा हुआ। इसमें 200 शिक्षकों को प्रशिक्षित किया गया।
डायट प्राचार्य संजय कुमार शुक्ल ने कहा कि डिजिटल लिटरेसी वर्तमान युग की आवश्यकता है। नॉलेज गैप इकोनामी गैप से कहीं ज्यादा घातक है। डिजिटल इंडिया अभियान पूरे देश को एक डिजिटल रूप से सशक्त समाज एवं ज्ञान आधारित अर्थव्यवस्था में परिवर्तित करने और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ प्रौद्योगिकी परिणामों के सुधार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
प्रशिक्षण के नोडल प्रवक्ता अजय प्रकाश मौर्य ने कहा कि एससीईआरटी की ओर से डिजिटल लिटरेसी कंप्यूटेशनल थिंकिंग कोडिंग एवं एआई का पाठ्यक्रम विकसित किया गया है। इससे विद्यार्थियों में डिजिटल माध्यमों का सकारात्मक रूप से उपयोग करने की क्षमता का विकास हो सके। इस मौके पर संदर्भदाता राकेश पांडेय, अनिल पांडेय, रमेश विश्वकर्मा, अभिषेक श्रीवास्तव, शालिनी द्विवेदी, राजकांत वर्मा ने योगदान दिया। संवाद