विद्यार्थियों को सहायक अध्यापक ही एक मात्र सहारा
राजकीय विद्यालयों में प्रवक्ता की कमी, इंटर कॉलेजों में 70 प्रवक्ता के पद, 12 की नियुक्ति
अतिरिक्त शिक्षकों के समायोजन के लिए मांगी गई जानकारी
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। राजकीय इंटर कॉलेजों में 70 प्रवक्ताओं के पद हैं जबकि 12 की ही नियुक्ति है।
फलस्वरूप जिले विद्यार्थियों को सहायक अध्यापकों का ही सहारा है। राजकीय इंटरमीडिएट कालेजों में पढ़ाई का माहौल नहीं बन पा रहा है। लिहाजा विद्यार्थी राजकीय इंटर कॉलेजों में प्रवेश लेने से बच रहे हैं।
जिले में कुल 23 राजकीय विद्यालय हैं। इनमें छह इंटर कॉलेज व शेष हाईस्कूल तक की शिक्षा देते हें। राजकीय इंटर कॉलेजों में करीब एक हजार बच्चे पंजीकृत हैं। नियमानुसार 30 बच्चों पर एक शिक्षक की तैनाती का प्रावधान है। इसको लेकर शासन ने सभी स्कूलों से सृजित पद के अनुरूप तैनाती की जानकारी विद्यालयों से मांगी है। जिले में राजकीय इंटर कॉलेज प्रवक्ता के 70 पद सृजित हैं। इसके सापेक्ष 12 प्रवक्ताओं की नियुक्ति है। यानी 58 पद रिक्त हैं।
जिला मुख्यालय स्थित राजकीय इंटर कॉलेज में 15 प्रवक्ता में सात ही तैनात है। यहां गणित, जीव विज्ञान, हिन्दी, अंग्रेजी, समाजशास्त्र, अर्थशास्त्र और संस्कृत के शिक्षक नहीं है। राजकीय कन्या इंटर कालेज में छह पद खाली हैं। यहां भी गणित, रसायन विज्ञान, भूगोल, संस्कृत पढ़ाने के लिए अर्ह शिक्षक नहीं है। राजकीय कन्या इंटर कॉलेज कछिया और सोनबरसा में 10 प्रवक्ता के पद सृजित हैं किसी भी प्रवक्ता की तैनाती नहीं हुई है। यहां भी हिन्दी, अंग्रेजी, गणित, संस्कृत, भौतिक विज्ञान और गृह विज्ञान सहायक अध्यापक के भरोसे है। दीनदयाल मांडल इंटर कॉलेज शृंगीनारी में 10 पदों के सापेक्ष दो और दीनदयाल मॉडल इंटर कॉलेज गोटवा में एक प्रवक्ता हैं।
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डीआईओएस डीएस यादव ने बताया कि शासन की ओर से जिले में जरूरत से ज्यादा शिक्षकों के संबंध में जानकारी मांगी गई है। छात्र संख्या के अनुसार शिक्षकों का समायोजन किया जाएगा। रही प्रवक्ताओं की तैनाती की बात तो शासन के संज्ञान में मामला है।