बस्ती। फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम के न्यायाधीश विजय कुमार कटियार ने गैर इरादतन हत्या में एक दोषी को 10 साल सश्रम कारावास व 10 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड न अदा करने पर छह माह की अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी पड़ेगी।
शासकीय अधिवक्ता लक्ष्मीकांत द्विवेदी ने कोर्ट को बताया कि कलवारी क्षेत्र के गोड़िया जोत निवासी शकुंतला देवी पत्नी रामचंदर ने थाने में तहरीर देकर कहा कि 31 जनवरी 2012 की सुबह 9:15 बजे उसका गन्ना मेवालाल काटने जा रहे थे। काटने से मना किया तो मेवालाल व उसकी पत्नी विपना देवी लाठी-डंडा से मारने लगे। शोर मचाने पर उसके पति रामचंदर व घर की औरतें दौड़कर बीच-बचाव करने आईं तो उन्हें भी मारापीटा गया। सिर में चोट लगने के कारण रामचंद्र की इलाज के दौरान मौत हो गई। न्यायाधीश ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद गैर इरादतन हत्या के मामले में मेवालाल को दोषी मानते हुए सजा सुनाई है। वहीं दूसरे आरोपी विपना देवी को न्यायालय ने संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया। संवाद