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Basti News: लंपी बीमारी के मिले 10 केस, सतर्कता बढ़ी

Thu, 07 Sep 2023 01:32 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
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बस्ती। जिले में लंपी बीमारी ने पांव पसरना शुरू कर दिया है। इसे लेकर पशुपालन विभाग ने सतर्कता बढ़ा दी है। लंपी बीमारी को लेकर 4 रैपिड रिस्पांस टीम के अलावा 24 पशु चिकित्साधिकारी, 23 पशुधन प्रसार अधिकारी व 14 कर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है।
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बुधवार को इसे लेकर सीडीओ डॉ. राजेश कुमार प्रजापति पशु पालन क अधिकारियों के साथ बैठक कर आवश्यक दिशा निर्देश दिए। सीडीओ ने पशु पालकों को सचेत किया है कि जिन पशुओं में लंपी बीमारी के लक्षण नजर आएं उनको अन्य पशुओं से अलग रखें। रोगी पशु के दूध को बछड़े को न पिलाएं तथा निकटतम पशु चिकित्साधिकारी को सूचित करें। बताया कि इस बीमारी से बचाव के लिए 23 हजार गोवंशीय पशुओं को वैक्सीन लगाई गई है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह बीमारी गोवंशीय पशुओं में ज्यादा पाई गई है।
अपर निदेशक पशुपालन डाॅ. विकास साठे ने बताया कि लंपी स्किन डिजीज एक विषाणुजनित रोग है। इस रोग में पशु को तेज बुखार, आंख व नाक से पानी गिरना, पैरों में सूजन, पूरे शरीर में कठोर एवं चपटी गांठ आदि लक्षण पाए जाते हैं। सांस की नली में घाव होने से सांस लेने में कठिनाई होती है, पशु का वजन घट जाता है और अत्यधिक कमजोरी से पशु की मृत्यु हो जाती है। इस रोग से मनुष्य को कोई खतरा नहीं है।
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सीबीओ डाॅ. एके कुशवाहा ने बताया कि रोग से प्रभावित पशुओं का आवागमन प्रतिबंधित करें। पशु के शरीर पर मच्छर, मक्खी, किलनी से बचाने के लिए कीटनाशक दवा का प्रयोग करें। बीमार पशु को चरने के लिए पशुओं के साथ न भेंजे। प्रभावित क्षेत्र से पशु खरीद कर न लाएं, यदि इस रोग से किसी पशु की मृत्यु होती है तो शव को वैज्ञानिक विधि से दफनाएं।

पशु चिकित्साधिकारी डाॅ. अरुण तिवारी ने बताया कि जनपद में 1,25,703 गोवंशीय एवं 3,43,799 महिशवंशीय पशु है। लंपी बीमारी गोवंशीय पशुओं में पाई जाती है।
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कंट्रोल रूम स्थापित
जनपद स्तर पर कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है।
इसका नंबर -9161956797 तथा 9648134369 है। इन नंबरों बीमारी से संबंधित सूचना दी जा सकती है।
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