सीएम योगी आदित्यनाथ की जनसभा मेयर प्रत्याशी उमेश गौतम से कम महत्वपूर्ण शहरवासियों के लिए भी नहीं है। यह बात अब एमबी कॉलेज की ओर वाली नई बरेली के लोगों की समझ में आने के साथ उनकी कुं ठा की वजह भी बन गई है। दरअसल एमबी कॉलेज और उस तरफ जाने वाले सभी मार्र्गों की बदहाली-खतरे दूर करने में जुटी सरकारी टीम शुक्रवार सुबह से सारा काम छोड़कर गायब है। टेंट वाले से लेकर सुधार करवाने में जुटे उस इलाके के आशावादी संभ्रांत लोग अफसरों और भाजपा नेताओं को ढूंढते घूम रहे हैं। उनकी शिकायत है कि अफसरों-नेताओं ने अपनी छीछालेदर बचाने को उन्हें मुसीबत में छोड़ दिया। सीएम के आने के बहाने उनके इलाके कुछ सुधरने जा रहे थे, जो सरकारी अमला और ज्यादा उखाड़ बिगाड़कर छोड़ भागा। एमबी कॉलेज प्रबंधन खुदा पड़ा ग्राउंड व टायल्स लेकर सिर पकड़े बैठा है। ग्राउंड में टेंट वाले पेमेंट के लिए धरना दिए लेटे हैं, डेलापीर चौराहे पर तीन महीने बाद हाईवे पर बिछा पेड़ हटता देख खुश हुआ दबे ठेले वाले वाला भी मायूस है। उसकी शिकायत है कि योगी जी के डर से तीन महीने बाद पेड़ हटाकर निकाला जा रहा उसका ठेला और लट्ठ सब ठेकेदार सड़क पर ही छोड़कर बरेली कॉलेज की ओर भाग गया। गड्ढे भरी सड़कों पर तारकोल आधा -अधूरा छोड़ भागी पीड्ब्लूडी की टीम की तलाश उन इलाके के लोगों को है जो डेथ प्वाइंट संवरने, डेलापीर मंडी की सफाई होने, कब्जा हटने, सड़कें सुधारने और जाम खुलने की उम्मीद लगाए थे। आधे से ज्यादा शहरवासी काम अधूरे छूटने को लेकर अफसरों और नेताओं से दुखी हैं। उनकी उम्मीद तो योगी आदित्यनाथ से थी, जिनके आने भर की आहट से उनके इलाके कुछ सुधरने जा रहे थे। अब तो योगी जी से उनकी प्रार्थना बस यही है कि सीएम बनते ही जो ताबड़तोड़ दौरे करके सिस्टम में हड़कंप मचाया था, वही धमक शहर वालों के लिए दिखा जाएं। एक बार एमबी कॉलेज वाले दिशा मार्गों पर भी घूम जाएं ताकि नाकारा सिस्टम को झेल रहे शहरवासियों की तकलीफ का एहसास भी उन्हें हो जाए और सच्चाई भी सामने आ जाए कि सरकार की छवि लगातार कमजोर क्यों हो रही है।