बरेली। सूर्य के धनु से मकर राशि में प्रवेश के साथ ही शहर सहित मंडल के चारों जिलों में रामलला का पूजन शुरू हो जाएगा। इसके बाद 20 जनवरी तक लगातार श्री राम कथा का आयोजन होगा। 21 जनवरी को रामचरित मानस का अखंड पाठ शुरू होगा। 22 को सुबह हवन-पूजन के साथ ही अयोध्या में रामलला की मूर्ति की प्राण-प्रतिष्ठा समारोह के समय भव्य आरती की जाएगी। शाम होते ही सभी मंदिरों में सुंदरकांड का पाठ और दीपोत्सव शुरू होगा।
क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी मनीष सिंह ने बताया कि विभाग की ओर से मंदिरों की सूची तैयार की गई है। चारों जिलों में नगर और ग्रामीण क्षेत्र के मंदिरों में कार्यक्रम के लिए नोडल अधिकारी तैनात किए गए हैं। भव्य उत्सव का महत्व समझाने और भगवान राम के आदर्शों का प्रचार-प्रसार करने के उद्देश्य से ये कार्यक्रम किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि संस्कृति विभाग की ओर से पंजीकृत कलाकार कार्यक्रमों में सांस्कृतिक प्रस्तुति भी दे सकेंगे।
बरेली : मंदिरों में दीपोत्सव के लिए 20 लाख रुपये का बजट तय किया गया है। प्रशासन की ओर से अलखनाथ मंदिर, हार्टमैन स्थित बड़ा बाग हनुमान मंदिर, सिविल लाइंस स्थित हनुमान मंदिर, संजयनगर स्थित हनुमान मंदिर, धर्मकांटा स्थित हनुमान मंदिर समेत 85 मंदिरों के नाम अभी तय किए गए हैं।
बदायूं : पूजन और दीपोत्सव कार्यक्रम के लिए बिरुआबाड़ी मंदिर, बालाजी धाम मंदिर, गौरीशंकर धाम मंदिर समेत 283 मंदिरों की सूची तैयार की गई है। इन मंदिरों के नाम प्रशासन को भेज दिए गए हैं। स्थानीय लोगों के सहयोग से नोडल अधिकारी क्षेत्रों में पूजन कराएंगे। नौ दिन कार्यक्रम जारी रहेंगे। इसके लिए प्रशासन की ओर से 10 लाख रुपये मुहैया कराए जाएंगे।
शाहजहांपुर : हनुमत धाम मंदिर में विशेष पूजन और दीपोत्सव की व्यवस्था की गई है। सिटी मजिस्ट्रेट ने शहर के अन्य सौ मंदिरों की सूची तैयार की है। प्रशासन की ओर से दीपोत्सव के लिए 10 लाख की सहायता राशि दी जाएगी। पर्यटन विभाग के मुताबिक अनुदान राशि देने का मुख्य उद्देश्य गली-मोहल्ले के मंदिरों में भी भव्य दीपोत्सव कराया जाना है।
पीलीभीत : परमठ मंदिर, राम-जानकी मंदिर, हनुमान मंदिर, गौरी-शंकर मंदिर, यशवंतरी देवी मंदिर, रामविहार कॉलोनी स्थित मंदिर समेत 10 मंदिरों की सूची तैयार कर ली गई है। अन्य मंदिरों के नाम भी तय किए जा रहे हैं। जिले में 10 लाख रुपये की लागत से प्रशासन दीपोत्सव की तैयारियां कर रहा है।
चारों जिलों में भगवान राम, हनुमान और वाल्मीकि मंदिरों में नौ दिन कार्यक्रम होंगे। मकर संक्रांति को कलशयात्रा से सभी जगह पूजन शुरू होगा। 22 जनवरी तक भगवान राम के नाम का निरंतर जप किया जाएगा। इसी के साथ रामकथा, प्रवचन, भगवान राम के चरित्र का गुणगान, दीपदान, सुंदरकांड पाठ, भजन-कीर्तन आदि विभिन्न कार्यक्रम जारी रहेंगे। क्षेत्र के युवा और बच्चे इसमें सहयोग करेंगे। भगवान की आरती की जाएगी और तुलसीदल युक्त खास भोग अर्पित किया जाएगा। भगवान राम की लीलाओं का भी मंचन किया जा सकता है।