हाफिजगंज। निगम की लाखों की शीशम की लकड़ी चोरी कर ले जा रहे लोगों को ग्रामीणों ने टोका तो वे हाईवे किनारे लकड़ी उतारकर फरार हो गए। ग्रामीणों की सूचना पर वनकर्मी मौके पर पहुंचे, जिन्होंने लकड़ी को अपने कब्जे में ले लिया है। अभी तक वन विभाग की तरफ से कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
ग्रामीणों का आरोप है कि निगम की सरकारी लकड़ी को चाेरी-छिपे बेचकर सरकार को लाखों का चूना लगाया जा रहा है। बरेली-पीलीभीत हाईवे के चौड़ीकरण के लिए निगम द्वारा हाईवे की जद में आ रहे पेड़ों को कटवाया जा रहा है। ठेकेदार द्वारा सरकारी लकड़ी की चोरी न हो, इसके लिए एक स्केलर की नियुक्ति निगम द्वारा की गई है, जो कटे हुए लकड़ियों की नाप-जोख कर आगे भिजवाता है।
बृहस्पतिवार को स्केलर किसी काम से बाहर गया हुआ था। हाईवे किनारे पेड़ो का कटान भी बंद था। तभी दोपहर कुछ लोग टैक्टर-ट्राॅली के साथ हाफिजगंज के सिथरा गांव के निकट पहुंच गए। बेशकीमती शीशम के पेड़ को काटकर ट्राॅली में भर लिया। शीशम की लकड़ी पकड़ी न जाए। इसलिए एक मोटा जामुन का पेड़ को भी काटकर उसके ऊपर भर ली और ले जाने लगा। ग्रामीणों के टोकने पर वह लकड़ी को उतारकर फरार हो लिए। सूचना पर वन कर्मी अकबर अली भी पहुंच गए।
ग्रामीणों का आरोप-लंबे समय से हो रहा कटान
ग्रामीणों का आरोप है कि हाईवे किनारे लंबे समय से पेड़ों का कटान हो रहा है। निगम की लकड़ी का बंदरबांट कर सरकार को लाखों का चूना लगाया जा रहा है। ग्रामीण राजेन्द्र गंगवार, महेश शर्मा आदि ने कार्रवाई की मांग की है। संवाद
किसी काम से बाहर हूं। वापस आने पर मामले की जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।
- केके मिश्रा, वन रेंजर