बरेली। बिलपुर रेलवे क्रॉसिंग पर पुल बनाने के लिए अभी करीब डेढ़ वर्ष और इंतजार करना पड़ेगा। अभी तक टेंडर भी नहीं खुले हैं। इसलिए निर्माण करने वाली फर्म का चयन भी नहीं हो सका है।
इस पुल के लिए 81 करोड़ रुपये का बजट मार्च 2023 में मंजूर हो चुका है। लोक निर्माण मंत्री जितिन प्रसाद फरीदपुर में पहली अप्रैल को शिलान्यास भी कर चुके हैं, लेकिन काम शुरू नहीं हुआ। अब 31 अक्तूबर तक टेंडर खुलेंगे। टेंडर के जरिये निर्माण करने वाली फर्म चयनित की जाएगी। इसके बाद निर्माण कार्य में कम से कम डेढ़ वर्ष का समय लगेगा।
फतेहगंज पूर्वी से दातागंज मार्ग में बिलपुर रेलवे क्रॉसिंग (344 ए) पर रेलवे ओवर ब्रिज (आरओबी) के निर्माण की मांग पांच वर्ष से चल रही है। इसके लिए 15 करोड़, 75 लाख रुपये सेतु निगम को मिल गए हैं। यदि दिसंबर से काम शुरू हो जाता है, तो वर्ष 2025 तक पुल बनकर तैयार होगा।
सेतु निगम पुल का निर्माण इंजीनियरिंग प्रेक्योरमेंट एंड कंस्ट्रक्शन (ईएफसी) मोड में कराएगा। निगम के महाप्रबंधक केएन ओझा ने बताया कि ईएफसी मोड पर पुल की डिजाइन से लेकर निर्माण तक की जिम्मेदारी उसी फर्म की होगी, जो ठेका लेगी। फर्म का चयन एक माह में होने की उम्मीद है।
इन गांवों को है ओवरब्रिज का इंतजार
उचसिया, कजरौटा, कुठला, लखनपुर, पच्चड़, हरेला, कसरक, हुलासनगरा, झादा समेत 25 से अधिक गांवों के लोगों को आरओबी बनने का इंतजार है। आरओबी बनने के बाद बदायूं की ओर जाना-आना आसान हो जाएगा। क्षेत्र के किसानों को फतेहंगज पूर्वी होते हुए द्वारिकेश चीनी मिल आने-जाने में दिक्कत नहीं आएगी।