बरेली। एक पखवाड़े के बाद वन्य जीव के हमले की घटनाएं फिर से होने लगी हैं। शुक्रवार शाम और शनिवार दिन में फतेहगंज पूर्वी के दो गांवों में वन्यजीव ने हमला कर तीन बच्चों समेत पांच लोगों को घायल कर दिया। ग्रामीणों का कहना है कि हमला भेड़िये ने किया। वहीं मौके पर पहुंचे वन विभाग के अधिकारियों का दावा है कि हमला सियार ने किया। उसकी तलाश में कॉम्बिंग की जा रही है।
पिछले दिनों बहेड़ी और आंवला वन रेंज के कई गांवों में वन्य जीवों ने हमला कर 40 से ज्यादा लोगों को घायल किया था। इसके बाद से यहां हमला बंद है, लेकिन दहशत अब भी बनी हुई है। शनिवार तड़के फरीदपुर वन रेंज थाना फतेहगंज पूर्वी के गांव बाकरगंज में वन्य जीव ने हमला कर गांव की बुजुर्ग महिला जयंती को घायल कर दिया। वह सुबह पांच बजे घर के बाहर काम कर रही थीं। चीखने-चिल्लाने पर उनका पोता दीपक लाठी लेकर आया तो वन्य जीव ने उसे भी निशाना बना लिया। इसके बाद गांव में भेड़िये के हमले की दहशत फैल गई। प्रधान रणवीर सिंह ने बताया कि हमला करने के बाद वन्य जीव खेतों की ओर भाग गया। 10-12 दिन पहले वन्य जीव ने भैंस के पड्डे को भी मार दिया था। इससे पहले शुक्रवार शाम वन्यजीव ने अमृता गांव में केसरी के घर में घुसकर आयुष पांच वर्ष, आर्यन तीन वर्ष और आरुष डेढ़ वर्ष को घायल कर दिया था। सभी घायलों को सीएचसी फरीदपुर में एंटी रैबीज वैक्सीन लगाई गई। रेंजर ऋषि ठाकुर ने बताया की हमला करने वाला वन्य जीव सियार था।
बहगुल नदी के किनारे मिला मगरमच्छ
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शीशगढ़। बंजरिया चौकी क्षेत्र के गांव नर्सुआ के पास बहगुल नदी के रास्ते पहुंचे मगरमच्छ को वन विभाग की टीम ने रेस्क्यू कर पकड़ने के बाद सुरक्षित स्थान पर छुड़वा दिया। पिछले कई दिनों से बहगुल नदी में मगरमच्छ देखे जाने की चर्चाएं हो रही थीं। वन विभाग की टीम ने तलाश भी की, लेकिन मगरमच्छ नहीं मिला। शनिवार सुबह नर्सुआ ग्रामीण खेतों पर चारा लेने गए थे उन्होंने नदी किनारे मगरमच्छ देखा। कुछ ही देर में मौके पर काफी ग्रामीण एकत्र हो गए। भाकियू ब्लॉक प्रमुख विमल सिंह ने इसकी सूचना वन विभाग को दी। सूचना पर डिप्टी रेंजर विमल कुमार यादव टीम के साथ मौके पर पहुंच गए। वन विभाग की टीम ने मगरमच्छ पकड़ने के बाद सुरक्षित स्थान पर छुड़वा दिया। संवाद