सीबीगंज। बंडिया गांव पहुंची नगर निगम की टीम बिना कुत्ते पकड़े ही लौट गई। टीम में केवल दो ही लोग थे, जो गली के कुत्तों को पकड़ रहे थे। अब टीम बृहस्पतिवार को फिर पूरी तैयारी के साथ कुत्तों को पकड़ने आएगी।
बंडिया गांव में खूंखार कुत्तों ने 15 से अधिक बच्चों पर हमला कर उन्हें गंभीर रूप से घायल कर दिया था, जबकि तीन बच्चों को मार दिया था। इसके बावजूद नगर निगम के जिम्मेदारों पर कोई फर्क नहीं पड़ा। बुधवार को नगर निगम की टीम पिंजरा लेकर कुत्तों को पकड़ने बंडिया पहुंची। वे गांव में सामान्य कुत्तों को पकड़ने लगे तो ग्रामीणों ने विरोध कर दिया। उन्होंने कहा कि जो कुत्ते बाहर जंगली क्षेत्र में रहते हैं, वे खूंखार हो गए हैं। बच्चों पर भी वही हमले करते हैं। उन्हीं कुत्तों को पकड़ो। टीम के दोनों सदस्य गांववालों के साथ कुत्तों को पकड़ने नहर की तरफ पहुंचे। वहां लोगों को आता देख कुत्ते भाग गए। तब टीम ने गुरुवार को आने की बात कही।
नहर किनारे व गांव के आसपास मीट की दुकानें हैं। दुकानदार अवशेष खुले में फेंक देते हैं। उसे खाकर कुत्ते खूंखार हो रहे हैं और बच्चों पर आए दिन हमले कर रहे हैं। - चमन राजपूत
कई बार मीट दुकानदारों की पुलिस से शिकायत की। ये दुकानदार मांस के अवशेष को खुले में फेंकते हैं। इन पर कार्रवाई की जाए, मगर पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। - शंकरलाल
जल्द ही इन कुत्तों को नहीं पकड़ा गया तो उनके गांव के लोग नगर निगम चुनाव में मतदान का बहिष्कार करेंगे, इसकी जानकारी वह अधिकारियों को दे चुके हैं। - नरेश राजपूत
आवारा कुत्तों को पकड़ने के लिए नगर निगम से लेकर मुख्यमंत्री पोर्टल तक शिकायत की मगर अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। निगम की टीम खानापूरी कर चली जाती है। - देवेश कुमार