बरेली। यूपी 112 स्टाफ के तबादलों में अनियमितता और मनमाफिक तैनाती के दबे हुए मामलों की जांच शुरू हो गई है। वायरल ऑडियो के साथ ही एसएसपी ने एसपी सिटी से यह जांच भी शुरू करा दी है। उन्होंने पौने दो साल का रिकॉर्ड तलब किया है।
यूपी 112 के सिपाही पुष्पेंद्र ने ट्रैफिक साहब का नाम लेकर पीआरवी पर तैनात हेड कांस्टेबल अब्दुल कादिर से वसूली जैसी कोशिश की थी। मंगलवार को यह रिकाॅर्डिंग वायरल होने के बाद नोडल अधिकारी भी संदेह के दायरे में आ गए हैं। ऑडियो वायरल हुआ तो एसएसपी ने पीआरवी स्टाफ के तबादले पर रोक लगा दी और एसपी सिटी को जांच सौंप दी। एसपी सिटी ने एक जनवरी 2022 से अब तक पीआरवी में तैनात रहे स्टाफ का रिकाॅर्ड तलब किया है।
एसपी सिटी इस बात की जांच करेंगे कि इस अवधि में किस स्टाफ को एक ही जगह ज्यादा तैनाती मिली और किसको उपेक्षित किया गया है। यह भी जांच होगी कि थाने से तबादले के बाद कोई पुलिसकर्मी उसी थाने की पीआरवी पर तो नहीं तैनात हो गया। जांच शुरू होने से वसूली के फेर में उपेक्षित स्टाफ को राहत मिलने की उम्मीद है। जांच सही दिशा में बढ़ी तो वसूली का बड़ा मामला उजागर हो सकता है और जिम्मेदारों की गर्दन भी फंस सकती है।
सिपाहियों को नोटिस भेजा
पीआरवी दफ्तर में तैनात सिपाही पुष्पेंद्र और पीआरवी 175 पर तैनात हेड कांस्टेबल अब्दुल कादिर की आवाज रिकाॅर्डिंग में थी। एसपी सिटी ने दोनों को नोटिस भेजकर बयान के लिए तलब किया है। माना जा रहा है कि सिपाहियों पर भ्रष्टाचार के साथ ही अनुशासनहीनता में कार्रवाई हो सकती है।
वर्जन
यूपी 112 में अनियमित तबादलों को लेकर शिकायतों की भी जांच की जा रही है। वहां से एक जनवरी 2022 से अब तक कर्मचारियों की तैनाती का डाटा मांगा गया है। इसके विश्लेषण से वास्तविकता का पता लगेगा। ऑडियो में बात करने वाले दोनों सिपाहियों को नोटिस भेजकर बयान दर्ज कराने के लिए कहा गया है। - राहुल भाटी, एसपी सिटी