बरेली। अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त शायर प्रो. वसीम बरेलवी की शख्सियत और शायरी पर मानव सेवा क्लब की ओर से गोष्ठी का आयोजन उन्हीं के फूटा दरवाजा स्थित आवास पर बृहस्पतिवार को किया गया। इस मौके पर वसीम बरेलवी ने अपनी नई गजल पढ़ी- चर्चे हमारे फन के कहां पर नहीं हुए, लेकिन कभी हम आपे से बाहर नहीं हुए। अपनी जमीं को हमने बनाया है आसमां, ऊंचे किसी के कांधे पर चढ़कर नहीं हुए। इसके बाद वसीम बरेलवी को पगड़ी और शाल पहनाकर सम्मानित किया गया। इस दौरान क्लब के अध्यक्ष सुरेन्द्र बीनू सिन्हा, लेखक रणजीत पांचाले, नवगीतकार रमेश गौतम, साहित्य भूषण सुरेश बाबू मिश्रा ने भी वसीम बरेलवी की शख्सियत और शायरी पर चर्चा की। गोष्ठी में इंद्र देव त्रिवेदी, प्रकाश चंद्र सक्सेना, प्रदीप माधवार, निर्भय सक्सेना, राम कुमार अफरोज, सुधीर मोहन आदि मौजूद रहे।