बरेली/अलीगंज। हजारों बीघा फसल जलमग्न होने के बाद रामगंगा नदी का जलस्तर कम होने लगा है। शुक्रवार को 0.28 मीटर गेज की गिरावट दर्ज हुई। बाढ़ खंड ने पानी और कम होने के बाद क्षतिग्रस्त तटबंधों की मरम्मत शुरू कराने के लिए कहा है।
सूदनपुर गांव के पास बने तटबंध को रामगंगा की लहरों ने क्षतिग्रस्त कर दिया है। शुक्रवार तक करीब 50 फीट से ज्यादा तटबंध का कटान दर्ज किया गया। बाढ़ खंड के अफसर तीन-चार दिन बाद जलस्तर कम होने पर तटबंध की मरम्मत शुरू करने की बात कह रहे हैं। सूदनपुर के पास का तटबंध बदायूं सिचाई परियोजना के तहत साल 2015 में 13 किमी लंबाई में गुजरहाई एहतमाली से लेकर अखा रेलवे लाइन तक बनाया गया था। पिछले तीन साल से रामगंगा की लहरों ने तटबंध को गुजरहाई, गोकिलपुर, जित्तौर और अखा के पास क्षतिग्रस्त कर दिया। बोल्डर से पिचिंग कार्य होने पर राहत की उम्मीद है।
मिट्टी डालकर चले जाते हैं अफसर
बजट के अभाव में मरम्मत कार्य ठप है। कभी-कभार अफसर जेसीबी से मिट्टी चढ़ाकर खानापूरी कर देते हैं। एसडीओ अमित सिंह ने बताया कि गुजरहाई गांव के पास बने तटबंध का कटान हो रहा है। जलस्तर कम होने पर मरम्मत कार्य शुरू कराया जाएगा। एडीएम एफआर संतोष बहादुर सिंह के मुताबिक जलप्रवाह से कोई जनहानि नहीं हुई। जहां भी फसलें बर्बाद हुई हैं, संबंधित किसानों को आर्थिक मदद मुहैया कराई जाएगी। सर्वे कराया जा रहा है। रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी। प्राप्त बजट सीधे किसानों के खाते में भेजा जाएगा।