संवाद न्यूज एजेंसी
नवाबगंज। दो जनपदों की सीमाओं को जोड़ती हुई बह रही देवहा नदी पर पुल का निर्माण न होने से सात गांव के लोग नाराज हो गए हैं। इस कारण चुनाव में वोट प्रतिशत का नुकसान न हो। इसके लिए प्रशासन अब ग्रामीणों को मनाने में जुट गया है।
जनपद पीलीभीत और बरेली की सीमाओं को छूते हुए देवहा नदी बहती है। इस नदी के किनारे दर्जनों गांव के लोग रहते हैं। ये लोग नदी पर बने लकड़ी के पुल से गुजरते हैं। ग्रामीण एक लंबे अरसे से नदी पर पुल निर्माण कराने की मांग कर रहे हैं। लेकिन प्रशासन ग्रामीणों की मांगों को अनदेखा कर रहा है। इससे ग्रामीणों में भारी रोष है। रविवार को भदपुरा ब्लाॅक के पेहना-पेहनिया, बिक्रमपुर, विजासिन, जगतपुर, जरपा मोहनपुर,प्रहलादपुर, बैबाही गांव के ग्रामीणों के साथ पैनी नजर सामाजिक संस्था की प्रदेश अध्यक्ष सुनीता गंगवार ने बैठक की।
इसमें ग्रामीणों ने नदी पर पुल का निर्माण न होने का मुद्दा रखा। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासन उनकी मांगों को पूरी नहीं कर दबाव बना रहा है। इस कारण विरोध जताया जा रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि 19 अप्रैल को जनपद पीलीभीत लोक सभा के चुनाव में भी पुरैना गांव के लोगो ने विरोध जताया था। अब चुनाव बहिष्कार की चर्चाओं के बीच प्रशासन सक्रिय हो गया है। बरेली लोकसभा क्षेत्र में सात मई को होने वाले मतदान में वोट प्रतिशत बढ़ाने के लिए प्रशासनिक अधिकारी गुस्साए ग्रामीणों को मनाने में जुट गए हैं।
एसडीएम नवाबगंज गोविंद मौर्य ने बताया कि मामला मेरे संज्ञान में आया है। मांगों को लेकर शासन को प्रस्ताव भेजा है। साथ ही गांव के कुछ लोग ग्रामीणों को बहका रहे हैं। उनको चिह्नित कराया जा रहा है। फिर जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।