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कोरोना से जंग में ग्राम प्रधान आए संग

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बरेली। कोरोना वायरस के संक्रमण से ग्रामीणों को सुरक्षित रखने के साथ ही उनके रोजाना के कार्यों में विशेष सतर्कता बरतने के प्रति जागरूक करने की बड़ी जिम्मेदारी इस वक्त ग्राम प्रधानों के कंधे पर है। इसके साथ ही बड़ी संख्या में दूसरे राज्यों और शहरों से आए प्रवासी कामगारों को एक सुरक्षित माहौल प्रदान करने का भी भार वह उठा रहे हैं। सूबे के मुख्यमंत्री और अधिकारियों द्वारा भी अपील की गई है कि ग्रामीणों को कोरोना वायरस से बचाने को ग्राम प्रधान आगे आयें। इसी को ध्यान में रखते हुए ग्राम प्रधान ग्रामीणों को ज्यादा से ज्यादा घर के अन्दर रहने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। उनके द्वारा सामुदायिक स्थलों की समुचित साफ़-सफाई करायी जा रही है। एक फीसद हायपोक्लोराइट के घोल से इन भवनों के फर्श की सफाई कराई जा रही है। कूड़े के सही तरीके से निस्तारण पर भी ध्यान दिया जा रहा है। सामुदायिक स्थलों पर आने वालों को हाथ धोने के लिए साबुन और पानी की व्यवस्था की गई है। बाहर से गांव आने वाले लोगों की सूची तैयार करने में आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की मदद कर रहे हैं और लोगों को आशा द्वारा दी जा रही हिदायतों का पालन करने को प्रेरित कर रहे हैं । लोगों के भोजन की व्यवस्था के लिए सामुदायिक रसोई घर की भी व्यवस्था ग्राम प्रधानों के माध्यम से की गई है। गांव चनेटी ब्लॉक करेली की प्रधान बीना और उनके पति छोटेलाल कोरोना जैसी महामारी की स्थिति से निपटने के लिए गांव वालों की भरसक मदद कर रही हैं। छोटे लाल ने बताया कि गांव के करीब 10 परिवारों को जो कि काफी गरीब है उनके लिए आटा, चावल, चीनी , आलू और रोजमर्रा की जरूरत जैसी सामग्री पहुंचाई जा चुकी हैं। इसके अलावा गांव में 10 लोग ऐसे हैं जो मेरठ के हैं और लॉकडाउन होने के बाद वह अपने घर नहीं जा पाए। इन लोगों के लिए खाने और राशन की व्यवस्था की गई है जो उनको पहुंचाई जा रही है इसी तरह आशा की मदद से गांव में जागरूकता फैला रहे हैं और खुद भी जाकर घर-घर लोगों को बताते हैं कि दूरी बनाकर रखनी चाहिए और घर में ही रहना चाहिए ताकि कोरोनावायरस बीमारी से दूर रहा जा सके। बीना ने बताया कि अगर गांव में से किसी को भी कोई परेशानी है तो वह घर आकर बात कर सकता है। ग्रामीणों को दे रहे जरूरी सन्देश – दूसरे राज्यों व शहरों से आने वाले लोग 14 दिनों तक परिवार से अलग रहें । - कोरोना के संक्रमण से बचने के लिए एक-दूसरे से एक मीटर की दूरी बनाकर रखें । - यदि बुखार, खांसी या सांस लेने में तकलीफ हो तो तुरंत आशा से संपर्क । - हाथों को बार-बार साबुन-पानी से अच्छी तरह से धोएं । - चेहरे, आँख, नाक, कान और मुंह को बार-बार न छुएँ । - खांसते-छींकते समय नाक-मुंह को रुमाल या साफ़ कपडे से ढकें । - लोगों से हाथ मिलाने की बजाय नमस्कार करें। फसल की कटाई में भी सोशल डिस्टेंशिंग का रख रहे ख्याल : गांवों में यह सरसों, मटर, चना और गेहूं की कटाई का वक्त है, ऐसे में कटाई के दौरान भी सोशल डिस्टेंसिंग का पूर्ण पालन करने की हिदायत ग्राम प्रधानों द्वारा दी जा रही है । ग्रामीणों को बताया जा रहा है कि खेतों में काम के समय एक उचित दूरी बनाये रखने से कोरोना के संक्रमण को रोका जा सकता है ।
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