शहर की बिटिया ने कथावाचक आसाराम के खिलाफ बुलंद इरादे के साथ खड़े रहकर उसे जेल भिजवाया था। वह कई साल से जेल में सजा काट रहा है, लेकिन उसके गुर्गे अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहे हैं। एक बार फिर से आसाराम के गुर्गे सक्रिय हो गए हैं। रविवार को बहादुरगंज जैसे व्यस्त बाजार में आसाराम की तस्वीर लगाकर बड़ा सा बैनर लगाया गया। इसके बाद भीषण गर्मी से बचाव के लिए लोगों को शरबत का वितरण भी किया, साथ ही आसाराम के साहित्य की पुस्तकों का वितरण किया।
बहादुरगंज पुलिस चौकी से चंद कदम की दूरी पर आसाराम के गुर्गे काम करते रहे और पुलिस को कानोंकान खबर तक नहीं लगी। आसाराम के गुर्गों की दस्तक के बाद बिटिया के पिता काफी दहशत में हैं। उन्होंने बताया कि शनिवार को केरूगंज व रविवार को बहादुरगंज में शरबत वितरण के बहाने साहित्य का वितरण किया गया। पूर्व में पुलिस गुर्गों को भगा देती थी। अब पुलिस कोई कार्रवाई नहीं कर रही है। आसाराम के गुर्गों के खतरे के चलते बिटिया के पिता दो दिन से घर से नहीं निकले हैं।
सोमवार को एसपी से मिलेंगे बिटिया के पिता
बिटिया के पिता ने बताया कि सुरक्षा के नाम पर उनके साथ एक सिपाही चलता है। पूर्व में उनके घर के बाहर चौकी थी। बोले- कोई घटना होने पर पुलिस-प्रशासन जागता है। आसाराम के गुर्गे के शहर में होने के चलते उन्हें खतरा है। सोमवार को वह एसपी से मिलेंगे।