बरेली। क्षय रोग (टीबी) मुक्त ग्राम पंचायत के दावे का सत्यापन शुरू हो गया है। 10 फरवरी तक इसकी रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी।
प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत ग्राम पंचायत के प्रधान ने जिला क्षय रोग अधिकारी के समक्ष गांव के टीबी मुक्त होने का दावा प्रस्तुत किया था। जिला क्षय रोग अधिकारी डाॅ. केसी जोशी के निर्देश पर जिला स्तरीय टीम बहेड़ी के ग्राम पंचायत आमडंडा रेतवाड़ा हरसुनगला के स्वास्थ्य केंद्र पर पहुंची। अभिलेख देखने के साथ ही स्थलीय सत्यापन भी किया। डॉ. जोशी ने कहा कि टीबी मुक्त पंचायत बनाने के लिए लोगों का जागरूक होना जरूरी है। पंचायती राज विभाग भी इसमें सहयोग कर रहा है।
उन ग्राम पंचायतों को टीबी मुक्त घोषित किया जाएगा जहां वर्ष में एक हजार की आबादी पर 30 संभावित मरीज खोजकर जांच कराई गई। इस आबादी के सापेक्ष एक या एक से ज्यादा मरीज हों। मरीजों की एमडीआर जांच भी होनी चाहिए। उन्हें निक्षय पोषण योजना से एक किस्त जारी होना जरूरी है। इन बिंदुओं पर अगर दावा सही मिलेगा तो ग्राम पंचायत को टीबी मुक्त घोषित कर उन्हें पुरस्कृत किया जाएगा।