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टीकाकरण केंद्रों पर जड़ा रहा ताला, भड़के लोग

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बरेली। कोरोना संक्रमण की चौथी लहर हावी होने से पहले लोगों को सुरक्षा चक्र से लैस करने के शासन की उम्मीदों को जिम्मेदार ही पलीता लगा रहे हैं। इसकी बानगी रविवार को मेगा वैक्सीनेशन के दौरान दिखी। तमाम लोग जिले के प्रमुख टीकाकरण केंद्रों पर पहुंचे, लेकिन वहां ताले लटके मिले। इससे उनका पारा चढ़ गया। आक्रोशित लोगों ने मौके की फोटो क्लिक कर जिलाधिकारी को भेजकर जांच कार्रवाई की मांग की है।
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रविवार को जिले के चार सौ से ज्यादा केंद्रों पर लोगों को बूस्टर डोज मुहैया कराने के लिए मेगा वैक्सीनेशन अभियान चलाया गया, लेकिन जिला और महिला अस्पताल के टीकाकरण केंद्रों पर ताला लटकता रहा। यह स्थिति तब है जब ये केंद्र अफसरों के कार्यालय परिसर में ही स्थापित हैं। ऐसे में दूर दराज और देहात क्षेत्रों में टीकाकरण केंद्रों की स्थिति का अंदाजा लगाना मुश्किल नहीं। दोपहर करीब एक बजे सिविल लाइंस की रहने वाली क्षमा शर्मा परिवार समेत जिला अस्पताल के टीकाकरण केंद्र पर पहुंची तो वहां कोई स्टाफ नहीं मिला।
पूछने पर बर्न वार्ड के एक स्टाफ ने उन्हें टीकाकरण केंद्र पर रविवार के चलते स्टाफ के मौजूद न रहने और टीकाकरण न होने की जानकारी दी गई। उन्होंने केंद्र प्रभारी के बारे में पूछा तो वह भी मौजूद नहीं थे। ऐसे में परिवार समेत वह महिला अस्पताल में पहुंची। यहां सेकंड फ्लोर के एक कमरे पर टीकाकरण कक्ष लिखा था, मगर वहां ताला लगा मिला। दोनों ही स्थानों की फोटो खींचकर उन्होंने जिलाधिकारी को व्हाट्सएप कर दी।
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बेंचों और कुर्सियों पर लेटे थे तीमारदार
क्षमा के मुताबिक जिला अस्पताल के टीकाकरण केंद्र पर सन्नाटा पसरा था। वहां कोई स्टाफ मौजूद नहीं था। आसपास कुछ लोग बेंच और कुर्सियों पर लेटे मिले। स्टाफ समझकर उनसे पूछताछ की तो उन्होंने मरीज के साथ आने की बात कही। बताया कि सुबह से ही यहां सन्नाटा है। ऐसे में दोपहर में धूप अधिक होेने पर आराम करने के लिए वे यहां आ गए। सुबह से यहां करीब 50 से ज्यादा लोग स्टाफ न होने की वजह से नाराजगी जताते हुए वापस जा चुके हैं।
केंद्र प्रभारी बोले : अवकाश न मिलने और खाना, पानी बंद होने से स्टाफ आक्रोशित
जिला अस्पताल टीकाकरण केंद्र प्रभारी डॉ. राहुल बाजपेई के मुताबिक स्टाफ आक्रोशित है। कहा, नियमित टीकाकरण होने से स्टाफ को अवकाश नहीं मिल रहा है। वहीं, भीषण गर्मी में जो पानी मुहैया होता था वह भी अब बंद हो गया है। साथ ही, दोपहर के नाश्ते का बजट भी बंद कर दिया गया है। मगर टीकाकरण कम होने पर कार्रवाई की चेतावनी मिल रही है। रविवार सुबह उन्होंने अधिकारियों को मामले की जानकारी दे दी। तीन घंटे तक स्टाफ को कॉल कर बुलाते रहे पर कोई आने को राजी नहीं हुआ।
जिम्मेदार बोले : केंद्र ही नहीं बने थे अस्पताल
मामले के तूल पकड़ने के बाद जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. प्रशांत रंजन ने कहा कि जिला और महिला अस्पताल को मेगा वैक्सीनेशन की सूची में शामिल नहीं किया था, क्योंकि यहां नियमित टीकाकरण होता है। स्टाफ की कमी के चलते रविवार को स्टाफ की ड्यूटी अन्य केंद्रों पर लगा दी जाती है। ताकि दूर दराज के इलाकों में लोग प्रतिरक्षित हो सकें। उधर, लोगों के मुताबिक केंद्र पर तालाबंदी की जानकारी उन्होंने सीएमओ को दी। सीएमओ कुछ देर में टीका लगने का आश्वासन देते रहे। लोग इंतजार करते रह गए।
40 हजार लोगों को लगी बूस्टर डोज
मेगा वैक्सीनेशन मुहिम के तहत रविवार को 405 टीकाकरण केंद्र बनाए गए थे। देर शाम तक इन केंद्रों पर रिकॉर्ड के मुताबिक करीब 40 हजार लोगों को वैक्सीन लगाई गई है। इसमें 18 वर्ष से अधिक आयुवर्ग के वे लोग शामिल रहे जिन्हें दूसरी डोज लगे छह माह से अधिक बीत चुके थे। इसके अलावा कुछ लोगों को दूसरी डोज भी लगाई गई है।
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