बरेली। ससुर के साथ मिलकर दामाद महंगी कारें चुराता था। मंगलवार रात चोरी की कार के साथ दोनों अगली चोरी की योजना बना रहे थे। इस दौरान पुलिस ने फारुख को गिरफ्तार कर लिया, जबकि उसका ससुर भाग निकला। मामले में सब इंस्पेक्टर अनूप सिंह की ओर से सात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। आरोपी ने बताया कि उसकी पत्नी पूरा हिसाब-किताब रखती थी।
मंगलवार रात बारादरी पुलिस ने डोहरा चौराहे के पास घेराबंदी कर कार को रोका तो तीन लोग उससे उतर कर भाग गए। कार के साथ पकड़े गए शख्स ने अपना नाम दिल्ली के पोटला छतरपुर निवासी फारुख बताया। उससे पुलिस को कार के कागजात भी दिए। पुलिस ने छानबीन की तो पता लगा कि आरसी फर्जी है। पूछताछ में फारुख ने बताया कि वह और उसका ससुर शाहिद मोटा महंगी कारें चोरी कर फर्जी आरसी बनवाकर उनको बेचते हैं। बरेली से भी उन्होंने तीन कारें चोरी की हैं।
उसने बताया कि ससुर शाहिद के अलावा कार में उसके साथ बुलंदशहर के थाना अहमदगढ़ के गांव चैला निवासी नेक मोहम्मद और संभल निवासी सैकुल अहमद भी थे। यह भी बताया कि उसने एक कार मैनपुरी के थाना कोतवाली के गांव रमई हार निवासी रजत वर्मा को बेची है। 29 फरवरी को बरेली से दो कार चोरी की थीं। इसमें हरदोई के आवास विकास निवासी शिवांश त्रिपाठी भी उसके साथ था।