सपा पार्षद गौरव सक्सेना ने शहर में आला हजरत कॉरिडोर बनाए जाने का प्रस्ताव रखा तो सपा और भाजपा के पार्षद आमने-सामने आ गए। आधे घंटे तक हंगामा हुआ। महापौर ने सपा पार्षदों को ज्ञापन देने का सुझाव दिया, पर पार्षदों ने इससे इन्कार कर दिया। पार्षद अब्दुल कय्यूम मुन्ना ने कहा कि अगर नगर निगम प्रस्ताव पारित कर कुतुबखाना पुल का नाम महादेव सेतु रख सकता है तो फिर आला हजरत कॉरिडोर के लिए शासन को प्रस्ताव क्यों नहीं भेज सकता? इस पर सपा पार्षद राजेश अग्रवाल, आरिफ कुरैशी, शमीम अहमद, मोहम्मद नासिर, अनीस सकलैनी आदि ने बोर्ड बैठक का बहिष्कार कर दिया और वे सभाकक्ष से बाहर आ गए। महापौर पर तानाशाही का आरोप लगाने लगे, पर सलीम पटवारी और इकबाल बिल्डर बाहर नहीं आए। अलीम खां सुल्तानी प्रस्ताव पर चर्चा से पहले ही चले गए थे। इसकी खूब चर्चा रही।