डीएसपी ने परीक्षा कराने वाली कंपनी को जानकारी दी तो सॉल्वर पकड़ लिया गया। भमोरा थाने में पुलिस के साथ ही एसटीएफ ने भी उससे पूछताछ की। उसने अपना नाम राजेश कुमार पुत्र नवल किशोर बताया। वह बिहार के वैशाली जिले के हाजीपुर का निवासी है।
गीतेश की जगह परीक्षा देने आया था
उसने बताया कि वह मुरादाबाद निवासी गीतेश यादव की जगह परीक्षा दे रहा था। वर्ष 2014 में गीतेश और उसने बिहार से साथ में एलएलबी किया था। तब से गीतेश से दोस्ती थी। वह एमएससी करने के बाद भी बेरोजगार है।
फोन पर बातचीत के दौरान गीतेश ने उससे अपनी जगह परीक्षा देने को कहा तो वह तैयार हो गया। अभी 10 हजार रुपये ही मिले थे, पास होने पर और रुपये मिलने की उम्मीद थी। केंद्र व्यवस्थापक हरिओम गुप्ता ने उसके खिलाफ रिपोर्ट कराई है।
दस आरोपी गए जेल, फौजी की रिपोर्ट सेना को भेजी
परीक्षा में सेंधमारी करने वाले सरगना समेत सात सॉल्वरों को पुलिस ने जेल भेज दिया। मामले में संलिप्त फौजी की रिपोर्ट सेना को भेजी गई है।
सोमवार को एसटीएफ ने पुलिस के साथ दबिश देकर सॉल्वर गिरोह का भंड़ाफोड़ किया था। सरगना नाजिम समेत सात लोग गिरफ्तार किए गए थे। इनमें फौजी मुकेश, जाबिर अली, संजीव कुमार, नीरज कुमार, मोनिस और कुलदीप शामिल थे।
एसटीएफ की ओर से जरूरी लिखापढ़ी के बाद इन्हें पुलिस के हवाले कर दिया गया था। इंस्पेक्टर चेतराम वर्मा ने बताया कि सभी सातों आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया गया।
इसके साथ ही सॉल्वर गिरोह के साथ पकड़े गए तेलंगाना में तैनात फौजी मुकेश कुमार के खिलाफ इंस्पेक्टर ने उच्चाधिकारियों के जरिये सेना मुख्यालय को भी रिपोर्ट भेजी है। सेना के स्तर से भी जांच और कार्रवाई की जानी प्रस्तावित बताई जा रही है। इधर, शहर के कोतवाली, बारादरी और प्रेमनगर थानों से भी तीन सॉल्वर गिरफ्तार कर जेल भेजे गए।