बरेली के फरीदपुर में पर्चा वापस न लेने पर प्रत्याशी समर्थकों पर फायरिंग का मामला सामने आया है। आरोप है कि नाम वापस न लेने पर दूसरा पक्ष प्रचार भी नहीं करने दे रहा था। हमले में छह लोग घायल हो गए हैं।
बरेली के फरीदपुर के मोहल्ला ऊंचा वार्ड नंबर सात के चुनाव को ताजुद्दीन गुट ने अपनी प्रतिष्ठा से जोड़ लिया था। वे सबली को चुनाव में बैठाने के लिए हर जतन कर रहे थे। ताजुद्दीन को लग रहा था कि ऐसा करके वह आसानी से चुनाव जीत जाएगा।
विज्ञापन
वार्ड सात से शुरू में ताजुद्दीन की पत्नी फरहत नाज ने नामांकन किया था। भाजपा ने यहां ब्रजराधा वाल्मीकि को प्रत्याशी घोषित कर दिया। बताते हैं कि अल्पसंख्यक बहुल वार्ड में ब्रजराधा को ताजुद्दीन कमजोर मानकर जीत के प्रति आश्वस्त था। इस बीच मोहल्ले के शफीक की पत्नी सबली ने नामांकन कर दिया। तब से ताजुद्दीन को अपनी पत्नी की सीट खतरे में नजर आ रही थी।
उसने शफीक के पास संदेश भिजवाया। मजहब की दुहाई दी, कहा कि उन लोगों की लड़ाई में दूसरा प्रत्याशी जीत जाएगा। हालांकि सबली और उनके पति शफीक ने पर्चा वापस लेने से इन्कार कर दिया। इसके बाद ताजुद्दीन व उसके समर्थक बौखला गए।
विज्ञापन
जब भी शफीक के समर्थक मोहल्ले में वोट मांगने जाते थे तो ताजुद्दीन व उसके समर्थक उन्हें वोट मांगने से रोकने के लिए आगे खड़े हो जाते थे। जिस घर में सबली के परिवार के लोग वोट मांगने जाते, उस घर में वे लोग भी चले जाते और उन्हें बात ही नहीं करने देते थे। कई दिन से झगड़े की चिंगारी सुलग रही थी जो मंगलवार रात बवाल का रूप ले बैठी।
लाइसेंसी रिवॉल्वर लेकर आया ताजुद्दीन
देर रात शफीक के भतीजे सईद की ओर से फरीदपुर कोतवाली में तहरीर दी गई। इसमें चाची सबली के चुनाव प्रचार के दौरान ताजुद्दीन व उसके लोगों पर हमले का आरोप लगाया गया। बताया कि विवाद के दौरान ताजुद्दीन अपनी लाइसेंसी रिवाल्वर लेकर फायर करने लगा। अन्य लोगों पर भी लाइसेंसी व अवैध दोनों तरह के हथियार थे तो कुछ पर लाठियां थीं। ताजुद्दीन के साथ ही उसके चार भाइयों को नामजद कर तहरीर दी गई। जानलेवा हमले आदि के गंभीर आरोप हैं। सीओ गौरव सिंह यादव ने बताया कि इसी तहरीर के आधार पर रिपोर्ट लिखी जाएगी। ताजुद्दीन पक्ष ही आरोपी लग रहा है।
कई थानों की फोर्स पहुंची तो भागे आरोपी
सूचना पर फरीदपुर सर्किल के कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस के सायरन की आवाज सुनते ही बवाल कर रहे ताजुद्दीन पक्ष के लोग फरार हो गए। पुलिस ने आनन-फानन में घायलों को नगर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया, जहां उनका उपचार चल रहा है।
घटना के बाद पहुंची पुलिस ने ताजुद्दीन के भाई हकीमुद्दीन को मौके से पकड़ लिया। पुलिस उसे गाड़ी में बैठा रही थी, इसी दौरान नजर बचते ही वह भाग निकला। तब पुलिस ने उसे दौड़कर एक घर में घुसने से पहले ही पकड़ लिया। ताजुद्दीन की तलाश में देर रात पुलिस दबिश दे रही थी।