बरेली। केंद्रीय मत्स्य पालन, पशुपालन एवं डेयरी मंत्री पुरुषोत्तम रूपाला ने शनिवार को भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान (आईवीआरआई) इज्जतनगर का भ्रमण किया। उन्होंने संस्थान की शोध गतिविधि और पशुओं के लिए नैदानिकी तकनीकी विकसित करने के सफल प्रयासों को सराहा। इस दौरान प्रदेश के पशुपालन मंत्री धर्मपाल सिंह ने आईवीआरआई को मोबाइल वेटरनरी वैन देने की घोषणा की, ताकि एक कॉल पर पशुओं का मुफ्त इलाज हो सके।
स्वामी विवेकानंद सभागार में हुए कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री ने बताया कि ब्राजील के एक परिवार ने भारतीय गिर प्रजाति की गाय के संवर्धन से बड़ी उपलब्धता हासिल की है। वह तकनीकी वह भारत के साथ बांटना चाहते हैं। साथ ही, आईवीआरआई द्वारा विकसित वृंदावनी प्रजाति की भी सराहाना की। पशुपालन एवं दुग्ध विकास मंत्री धर्मपाल सिंह ने प्रदेश सरकार द्वारा मोबाइल वेटनरी यूनिट का संचालन करने पर पशुपालन को बढ़ावा मिलने की बात कही। उन्होंने आईवीआरआई को एक मोबाइल वेटनरी वैन देने की घोषणा की। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में पशुओं को चिकित्सा मुहैया हो सकेगी।
सांसद संतोष गंगवार ने पशुपालन को किसानों के लिए आमदनी दोगुनी करने का जरिया बताया। मीरगंज विधायक एवं उत्तर प्रदेश पशु चिकित्सा परिषद के अध्यक्ष डॉ. डीसी वर्मा मौजूद रहे। आईवीआरआई निदेशक डॉ. त्रिवेणी दत्त ने संस्थान द्वारा 133 वर्षों में हुए शोध की चर्चा की।
जूनागढ़ में रेफरल सेंटर बनाने की मिली जिम्मेदारी
डॉ. त्रिवेणी दत्त ने बताया कि सरकार ने जूनागढ़ में रेफरल सेंटर बनाने की जिम्मेदारी सौंपी है। बीवीएससी एंड एएच में 30 सीट बढ़ने, बंगलुरू में नेशनल हर्बल गार्डन, ऑर्गेनिक लाइव स्टॉक डेवलपमेंट की जानकारी दी। संचालन वैज्ञानिक डॉ. हिमानी, संयुक्त निदेशक प्रसार शिक्षा डॉ. रूपसी तिवारी ने किया। संयुक्त निदेशक कैडराड डॉ. केपी सिंह व अन्य मौजूद रहे।
प्रदर्शनी में अब तक विकसित तकनीकी का प्रदर्शन
केंद्रीय मंत्री ने संस्थान के विभागों एवं अनुभागों में शोध कार्य की समीक्षा की। सभागार के हाल में आयोजित प्रदर्शनी में संस्थान द्वारा विकसित लम्पी प्रो, ब्रूसेल्ला, पीपीआर, सीएसएफ, भेड़ बकरी में पॉक्स, गमबोरो, डक प्लेग, आईबीआर वैक्सीन, रोग नैदानिक का निरीक्षण किया। मंत्री ने आईवीआरआई के मानकीकरण विभाग को सेंट्रल ड्रग लेबोरेटरी के रूप में चिह्नित करने की जानकारी दी।