सहकारी समिति के किसानों को कर्ज मिलेगा या अनुदान?
वीएम सिंह ने कहा कि सहकारिता को बढ़ावा देने के लिए सहकारी समिति के प्रत्येक सदस्य को दो लाख रुपये ऋण देने की बात कही गई है, लेकिन ये स्पष्ट नहीं किया गया कि ये अनुदान होगा या और ऋण ? सहकारिता के दायरे में आने वाली चीनी मिलों को तकरीबन 10000 करोड़ रुपये के लाभ की बात कही गई है। अच्छा होता कि किसानों के 20 लाख करोड़ ऋण में से 10वां हिस्सा चीनी मिलों को दे देते और चीनी मिलें बकाया भुगतान कर देतीं तो किसानों के आंसू पुंछ जाते।
जीरो बजट खेती का क्या हुआ ? बजट में जिक्र नहीं
किसान नेता ने कहा कि केंद्र सरकार ने 2016-17 के बजट में देश के सभी किसानों को जीरो बजट खेती के दायरे में लाने की बात कही गई थी लेकिन अबकी बार के बजट में इसे सीमित करते हुए एक करोड़ किसानों को जैविक खेती के लिए प्रोत्साहित करने की बात कही गई है। इस पर भी कितना अमल होता है? यह वक्त बताएगा।