बरेली की केंद्रीय कारागार-2 से बुधवार सुबह दस बजे अशरफ को प्रयागराज के लिए रवाना किया गया। वज्र वाहन में बैठते समय उसने दो अंगुलियां दिखाकर इशारा किया कि दो सप्ताह पूरे हो चुके हैं। जाहिर है कि वह पिछली धमकी के संदर्भ में खतरे का अंदेशा जता रहा था।
उमेश पाल हत्याकांड में आरोपी अशरफ को ले जाने के लिए इस बार अलग से प्रयागराज पुलिस के अधिकारी नहीं आए थे। वज्र वाहन में 25 पुलिसकर्मी बरेली आए थे। ये सभी बुलेटप्रूफ जैकेट और बॉडी वार्न कैमरे से लैस थे। माफिया अतीक अहमद के साथ अशरफ की भी प्रयागराज कोर्ट में पेशी होनी है। वहां प्रयागराज पुलिस दोनों भाइयों को रिमांड पर ले सकती है। उनसे हत्याकांड के बारे में पूछताछ की जाएगी।
पुलिस ने जाली पर लगाए गद्दे
जेल से निकलते वक्त पुलिस ने मीडिया को अशरफ से बात करने का मौका नहीं दिया। अशरफ पुलिस वाहन में बैठा तो मीडिया के कैमरों का फोकस उधर ही हो गया। पत्रकारों ने उससे बात करने की कोशिश की। अधिकांश वक्त वह चुप ही रहा। एक बार उसने दो अंगुलियां उठाकर कहा कि दो सप्ताह हो गए हैं।
इस तरह अशरफ ने अपने 28 मार्च के बयान पर ध्यान खींचा जब उसने प्रयागराज से लौटते वक्त कहा था कि एक अधिकारी ने उसे दो सप्ताह में निपटाने की धमकी दी है। उसने यह भी कहा था कि घटना के बाद अधिकारी का नाम लिखा पत्र मुख्यमंत्री और मुख्य न्यायाधीश के सामने पहुंच जाएगा। तीन दिन बाद आई उसकी बहन फातिमा ने भी वही बातें दोहराई थीं। अशरफ को मीडिया से बात करते देख पुलिसकर्मियों ने वाहन की जाली पर गद्दे लगा दिए।