बरेली। इत्तेहाद-ए-मिल्लत कौंसिल (आईएमसी) प्रमुख मौलाना तौकीर रजा खां ने कहा कि हर साल मदरसों से हजारों उलमा निकलते हैं, मगर वे अपनी जिम्मेदारी ठीक से नहीं निभाते। इसीलिए मुसलमान रास्ते से भटक रहे हैं। मौलाना ऐवान ए गालिब दिल्ली में एक मदरसे के दीक्षांत समारोह को बतौर मेहमान-ए-खुसूसी संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि आज मुसलमान नशाखोरी व अन्य ऐबदारियों की ओर बढ़ रहे हैं। इसके लिए वही जमात व मदारिस जिम्मेदार हैं, जिन्होंने तरबियत ठीक से नहीं दी। मदरसे से पास हुई छात्राओं से मुखतिब होते हुए कहा कि इन बच्चियों से बहुत उम्मीद है। जो वो (आलिम) लोग नहीं कर सके, वह जिम्मेदारी यह आलिम बच्चियां निभाएंगी। अब आलिमा घर-घर जाकर बच्चों को तरबियत दें। हाफिज, कारी, आलिमा बनी बेटियों को डिग्री देकर दस्तार की गई। संवाद