अकीदतमंद पोस्टर और फ्लैक्स लेकर नारेबाजी करते हुए उर्स स्थल पर पहुंचे
उलमा ने कहा-हम भी हैं साथ, लेकिन पहले मस्जिदों को तो करो आबाद
बरेली। उर्स-ए-रजवी पर मध्य प्रदेश में विवादित बयान के चलते गिरफ्तार मुफ्ती सलमान अजहरी की रिहाई की मांग को लेकर अकीदतमंद पोस्टर और फ्लैक्स लेकर नारेबाजी करते हुए उर्स स्थल पर पहुंच गए। इस पर उलमा ने उनको खरी-खोटी सुनाते हुए कहा कि हम सलमान अजहरी के साथ हैं, लेकिन बैनर लेकर लड़ाई जीती नहीं जाती। पहले अपनी मस्जिदों को तो आबाद करो। सब्र का दामन पकड़ो, हम पहले भी साथ थे, आज भी हैं और आगे भी रहेंगे।
आला हजरत के 106वें कुल के मौके पर देश-विदेश से आए मुफ्ती और आलिमों की तकरीरों के बीच मुफ्ती सलमान अजहरी को रिहा करने के नारे लगने लगे। इस पर कुल से पहले चल रही तकरीर को बीच में ही रोक दिया। इसके बाद दरगाह के सज्जादानशीन मुफ्ती अहसन रजा खां कादरी उर्फ अहसन मियां के निर्देश पर मदरसा मंजर-ए-इस्लाम के प्रधानाचार्य मुफ्ती आकिल रजवी मंच पर पहुंचे। उन्होंने कहा कि बैनर लेने वालों नमाज का दामन पकड़ लो। तुम लोग सड़कों पर बैठोगे, लेकिन मस्जिदों में नहीं जाओगे। अगर इस्लाम की खुशहाली चाहिए तो मस्जिदों को आबाद कर दो। हमारे सामने अभी बहुत सारे मसले हैं, जिनसे लड़ना पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि, जब मैदान की बात आएगी तो बैनर पकड़ने वाला एक भी मैदान में दिखाई नहीं देखा। सब अपने-अपने घरों में कैद होंगे। सिर्फ बैनर से इस्लाम को साबित नहीं किया जाता। सलमान अजहरी की बात रही तो हम उनके और हर आलिम के साथ थे, हैं और आगे भी खड़े रहेंगे। उन सबके लिए जो भी करना होगा वह करेंगे। वहीं शुक्रवार रात मुफ्ती-ए-आजम हिंद और शनिवार को आला हजरत के कुल पर मुफ्ती सलमान अजहरी की रिहाई की खुसूसी दुआ की गई।
- जब आवाज दें तो बस निकल आना : मुफ्ती आकिल
सलमान अजहरी की रिहाई की मांग करने वालों को रोकते हुए मुफ्ती आकिल रजवी ने कहा कि कोई भी किसी सहाबी के खिलाफ जुबान खोलेगा तो उसे बंद कर देंगे। वक्त आने दो, सब्र का दाम थामे रहो। जब आवाज दें तो बस मैदान में निकल आना, तब तक सब्र का दामन थामों। बुजुर्गाें का पैगाम आए तो अमल करो, सब ठीक हो जाएगा। संवाद