जिला अस्पताल में इंतजाम की कमी और स्टाफ की मनमानी से दो नवजात बच्चों की और जान चली गई। क्यारा सीएचसी पर बुधवार सुबह सिमरा बोरीपुर गांव के अमित सिंह की पत्नी अंजलि के पैदा हुए बच्चे को सांस लेने में समस्या के कारण जिला अस्पताल के एनआईसी यूनिट लाकर भर्ती कराया गया। डॉक्टर ऑक्सीजन लगवाकर चले गए, फिर स्टाफ ने देखा तक नहीं। नतीजतन रात 11 बजे उसकी मौत हो गई। देर रात ही दूसरे बच्चे की मौत बर्न वार्ड में हुई। तीन दिन पहले जलने के कारण यहां भर्ती बदायूं की महिला संगीता को रात आठ बजे संगीता को प्रसव पीड़ा हुई तो स्टाफ को जानकारी दी गई। वहां से आधा घंटा बाद डॉक्टर आईं। तब तक बच्चे का सिर बाहर आ चुका था और फिर बच्चे ने दम तोड़ ही दिया। इस तरह बच्चों के मरने का आंकड़ा 40 पर पहुंच गया है।