बरेली। पावर कॉरपोरेशन में होने वाली गड़बड़ियां कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। बटलर के एक दुकानदार को पहले तो अपनी दुकान का बिल निकलवाने के लिए रिश्वत देनी पड़ी, जैसे-तैसे बिल निकला तो उसमें दो महीने के दो लाख रुपये से ज्यादा बकाया देखकर उसके होश उड़ गए। यह रकम उसके मासिक बिल से करीब सौ गुना ज्यादा है।
सिटी स्टेशन के पास रहने वाले नीरज कुमार का बटलर में अर्नव फोटोग्राफी के नाम से स्टूडियो है। नीरज के मुताबिक दुकान का बिल उनकी मामी शिवली के नाम आता है। मई में अप्रैल का बिल 1,234 रुपये आया था जिसे उन्होंने ऑनलाइन जमा कर दिया। इसके बाद उनके पास बिल नहीं आया। नीरज के मुताबिक जुलाई में बटलर प्लाजा में अधिकांश दुकानदारों ने बिल भर दिए लेकिन उनकी दुकान का बिल ही नहीं आया।
बिल के लिए उन्हें बिजली विभाग के कई चक्कर काटने पड़े। आखिरकार शनिवार को उन्होंने एक कर्मचारी को पांच सौ रुपये देकर अपना जून का बिल निकलवाया। बिल देखते ही उनके होश उड़ गए। दो महीने का उनका बिल दो लाख 11 हजार 339 रुपये का था। शनिवार को ही जब वह बिल सही कराने पहुंचे तो कर्मचारियों ने साहब के छुट्टी पर होने का बहाना कर दिया। सोमवार को कहा कि बिल भी जमा करा दो। बाद में सही हो जाए तो रकम समायोजित करा लेना।
जितनी पगड़ी नहीं उससे ज्यादा बिल
नीरज ने बताया कि दुकान उनकी मामी शिवली राठौर के नाम है। इसलिए उनको ज्यादा समस्या नहीं होती, लेकिन बिजली विभाग ने उनका बिल इतनी रकम का बना दिया है कि जितनी बटलर में दुकान की पगड़ी होती है। नीरज के मुताबिक वह दो बार बिजली विभाग के दफ्तर में चक्कर काट चुके हैं। कर्मचारी बिल ठीक कराने के बजाय टालमटोल कर रहे हैं।