डीजी जेल लेंगे कार्रवाई पर निर्णय
इन सभी की भूमिका की जांच अब पूरी हो गई है। बताते हैं कि डीआईजी जेल की जांच में दोनों जेलर, एक डिप्टी जेलर व तीनों वार्डर को लापरवाही बरतने का दोषी माना गया है। विभागीय कार्रवाई के लिए रिपोर्ट डीजी जेल एसएन साबत को भेज दी गई है। कार्रवाई के तरीके को लेकर उन्हीं के स्तर से निर्णय लिया जाएगा।
रिपोर्ट दर्ज करने के बाद इज्जतनगर पुलिस ने विस्तृत तकनीकी जांच के लिए साइबर सेल के सहारे मेटा से अनुरोध किया है। प्राथमिक जांच में यह पुष्ट हुआ कि लाइव जेल के अंदर से ही किया गया था। उस वक्त जेल के बाहर आठ लोग इस लाइव चैट से जुड़े थे। इन्हीं में से किसी ने ये वीडियो बनाकर वायरल कर दिया।
सूत्र बताते हैं कि मुरादाबाद क्षेत्र का एक कथित पत्रकार भी आसिफ के साथ बंद रहा था जिसकी बाद में जमानत हो गई थी। लाइव के दौरान स्क्रीन रिकॉर्डिंग से वीडियो वायरल करने में उसी कथित पत्रकार की भूमिका बताई जा रही है। पुलिस के पास तकनीकी जानकारी आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि वीडियो किस जगह और किस मोबाइल फोन से वायरल किया गया है।
आसिफ को शिफ्ट करने की कवायद
आसिफ को दूसरी जेल में शिफ्ट करने की भी कवायद चल रही है। जेल प्रशासन ने इसकी संस्तुति करके पत्रावली डीएम के पास भेज दी है। डीएम ही इस पर फैसला लेंगे। बताते हैं कि इस घटनाक्रम के कुछ दिन बाद ही बंदी राका की जेल के अंदर की तस्वीरे वायरल होने से व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। इसी जेल में चर्चित डॉन बबलू श्रीवास्तव, उसके साथी मंगे सरदार व अन्य बड़े अपराधी भी बंद हैं। हालांकि, राका जमानत पर छूट चुका है। ऐसे में आसिफ को तत्काल ही हाई सिक्योरिटी बैरक में शिफ्ट कर दिया गया।
डीआईजी जेल कुंतल किशोर ने बताया कि बंदी आसिफ के मामले में जांच पूरी कर ली गई है। इस मामले में उच्चाधिकारी ही आगे की कार्रवाई का निर्णय लेंगे।