बरेली। नालों की सफाई के दावे पहली ही बारिश में डूब गए। नगर निगम इस पर दो करोड़ रुपये खर्च करने का दावा करता रहा, मानसून ने आते ही इसकी पोल खोल दी। शहर की सड़काें, निचले इलाकों सहित पॉश कॉलोनियों में बुधवार को लोग जलभराव से जूझते रहे। मकान, दुकान और शोरूम में नालों का पानी घुस गया।
बुधवार सुबह 8:30 से 9:30 बजे तक झमाझम बारिश हुई। संजयनगर, सिकलापुर, वनखंडीनाथ, जसौली, सुभाषनगर, जगतपुर के मुख्य मार्ग समेत गलियों व घरों में पानी भर गया। सुभाषनगर पुलिया पर भी लोग जलभराव से जूझते रहे।
वनखंडीनाथ स्थित नाथ कॉरिडोर मार्ग समेत, राम वाटिका कॉलोनी, राजेंद्रनगर के पटेलनगर के अलावा जसौली, सुभाषनगर रोड, संजयनगर, हजियापुर, सिकलापुर, कालीवाड़ी, मढ़ीनाथ, दुर्गानगर, जगतपुर, सतीपुर, सूफीटोला, लोधी टोला, एजाज नगर गौटिया, जगतपुर, कंघी टोला, जोगी नवादा, नवादा शेखान, संजयनगर मुख्य मार्ग, हजियापुर, मढ़ीनाथ, घेर शेख मिट्ठू में जलभराव हुआ। अलखनाथ रोड, हार्टमैन ओवरब्रिज के पास, सिटी स्टेशन रोड, खुर्रम गौटिया रोड, पटेल चौक के आस-पास कीचड़ के कारण राहगीरों को काफी परेशानी हुई।
घरों में भरा पानी, बाल्टियों से निकाला बाहर
संजयनगर में लोगों ने घरों में घुसे पानी को बाल्टियों में भरकर बाहर निकाला। पटेलनगर में भी पार्क और घरों में पानी भरने के कारण उसे बाहर लोगों को काफी परेशानी हुई। हजियापुर में भी यही स्थिति रही।
दरअसल शहर में छोटे व बड़े 229 नाले हैं। नगर निगम ने आचार संहिता के दौरान नाला सफाई के टेंडर करने के लिए चुनाव आयोग से अनुमति ली थी। वहीं, बाकी नालों और नालियों की सफाई नगर स्वास्थ्य विभाग करा रहा था। दो करोड़ के टेंडर कराकर नगर निगम नालों की सफाई का दावा करता रहा, इधर नाले कूड़े से कराहते रहे। सिकलापुर, सुभाषनगर पुलिया से बदायूं रोड की ओर जाने वाला नाला, जाटवपुरा से प्रेमनगर, किला जाने वाला नाला, लोधी टोला का बड़ा नाला और हजियापुर नाले की सफाई शुरू कराने का दावा किया था। खास बात यह है कि इन इलाकों में भी जलभराव हुआ।
बारिश को देखते हुए जल निकासी के इंतजाम किए गए हैं। नालों की सफाई कराने का अभियान फिलहाल चल रहा है। इस समस्या का निराकरण जल्द ही किया जाएगा। - सुनील कुमार यादव, अपर नगर आयुक्त