परिजन घायल भानुप्रताप को इलाज के लिए लखनऊ पीजीआई लेकर गए थे। जहां डॉक्टरों ने मंगलवार की सुबह उसे मृत घोषित कर दिया। भानुप्रताप चार भाइयों में सबसे छोटा था। जो कि उत्तराखंड के एक फर्टिलाइजर कंपनी में सुपरवाइजर के पद पर तैनात था। वहीं दूसरे भाई संजीव का उपचार बरेली के निजी अस्पताल में चल रहा है।
परिवार वाले बोले- मौके पर ही हो गई थी मौत
भानुप्रताप के परिजन ने आरोप लगाया कि उनके बेटे की हादसे के बाद मौके पर ही मौत हो गई थी। पुलिस ने मामला टालने के लिए उसे रेफर कर स्थिति को काबू करने का प्रयास किया था। चूंकि कांवड़ियों ने हाईवे को जाम कर रखा था।