फरीदपुर(बरेली)। अंतरराज्यीय मादक पदार्थों की तस्करी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए एसटीएफ ने झारखंड की महिला समेत दो लोगों को गिरफ्तार किया है। उनके पास से छह किलो अफीम बरामद हुई है। महिला झारखंड से अफीम लाकर लखनऊ, बरेली और उत्तराखंड में बेचती थी। बरेली में सिरौली का राहुल इसे ढाबों पर ट्रक चालकों को बेचता था।
एसटीएफ की मेरठ यूनिट को सूचना मिली कि अंतरराज्यीय स्तर पर मादक पदार्थों की तस्करी करने वाली झारखंड की महिला उत्तराखंड डिपो की बस से लखनऊ होते हुए बरेली आ रही है। उसके पास अफीम है। एसटीएफ के उपनिरीक्षक संजय कुमार ने फरीदपुर पुलिस के साथ जेड गांव के पास घेराबंदी की। जैसे ही उत्तराखंड की बस शुक्रवार रात करीब 1:30 बजे यहां से गुजर रही थी, पुलिस ने बस को रोक लिया। बस में बैठी महिला की शक के आधार पर तलाशी ली गई तो उसके पास से पांच किलोग्राम अफीम बरामद हुई। एसटीएफ ने महिला को हिरासत में ले लिया। पूछताछ के दौरान महिला ने अपना नाम शांति कुमारी बताया। वह झारखंड के ग्राम औखेनी तेली थाना बड़कागांव जनपद हजारीबाग की रहने वाली है। शांति ने बताया कि वह झारखंड के ग्राम चुरचू जनपद हजारीबाग के राजू मांझी से 1,05,000 रुपये प्रति किलो के हिसाब से अफीम खरीदती है। यहां डेढ़ लाख व इससे ज्यादा में बेचती थी। राजू मांझी अपने गांव में अवैध तरीके से अफीम की खेती करता है।
बरेली में रोडवेज बस अड्डे पर पहुंच कर सिरौली के अंजनी गांव निवासी राहुल को अफीम देने वाली थी। शांति को गिरफ्तार करने के बाद एसटीएफ टीम ने नेशनल हाईवे पर सरकड़ा गांव के पास से राहुल को भी गिरफ्तार कर लिया। उसके पास से एक किलो अफीम बरामद हुई।पूछताछ में राहुल ने बताया कि वह झारखंड से अफीम मंगवाकर हाईवे पर ढाबों आदि पर बेचता है। इसके साथ ही वह पंजाब के लोगों को भी अफीम बेचता है। फरीदपुर थाने में दोनों आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।